2024 से 2026: तीन वर्षों की Vighnaharta Award यात्रा
Vighnaharta Award की शुरुआत वर्ष 2024 में इंदौर से हुई थी। उद्देश्य था ऐसे लोगों को सामने लाना, जो
अपने कर्म से किसी अन्य व्यक्ति के जीवन का वास्तविक विघ्न दूर कर रहे हैं।
वर्ष 2025 में इस अभियान ने दूसरे वर्ष में प्रवेश किया। इसके बाद 2026 में यह मुहिम तीसरे वर्ष तक पहुंची। हर वर्ष गणेश उत्सव को सामाजिक सेवा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
Krishna Guruji ने इस पहल को “गणेश आरती का मानवीकरण” नाम दिया है। इसका भाव है कि गणेश आरती केवल गाई न जाए।
उसके संदेश को सेवा और कर्म के माध्यम से जीवन में उतारा जाए।
गणेश आरती का मानवीकरण क्या है?
गणेश आरती की प्रसिद्ध पंक्तियां हैं:
“अंधन को आँख देत, कोढ़न को काया,
बाँझन को गर्भ देत, निर्धन को माया।”
Krishna Guruji ने इन पंक्तियों को आज के सामाजिक जीवन से जोड़ा। उनके अनुसार समाज में कई लोग ऐसे हैं, जो दूसरों की दृष्टि,
स्वास्थ्य, शिक्षा, मातृत्व, बुद्धि, जीवन और सुरक्षा से जुड़ी बाधाओं को दूर कर रहे हैं।
ऐसे सेवाभावी व्यक्तियों को पहचान देना ही Vighnaharta Award की मूल भावना है।
Vighnaharta Award 2026: दस दिन और दस साक्षात विघ्नहर्ता
गणेश उत्सव 2026 के दस दिनों में दस अलग-अलग क्षेत्रों के सेवाभावियों को Vighnaharta Award 2026 से सम्मानित किया गया।
प्रत्येक सम्मान को भगवान गणेश के किसी गुण या गणेश आरती के सामाजिक भाव से जोड़ा गया।
1. “अंधन को आँख देत” — नंदकिशोर व्यास
महर्षि दधीचि देहदान-अंगदान समिति के संस्थापक नंदकिशोर व्यास को नेत्रदान की सेवा के लिए “अंधन को आँख देत — नेत्रदान सेवा सम्मान” प्रदान किया गया।
2. “कोढ़न को काया देत” — यामिनी निवासकर
कुष्ठ प्रभावित लोगों की सेवा के लिए यामिनी निवासकर को “कोढ़न को काया देत — कुष्ठ सेवा सम्मान” प्रदान किया गया।
3. “बाँझन को गर्भ देत” — Ankura Hospital
मातृत्व और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए Dr. Aastha Jain Mathur और Dr. Ritu Surana Haripriya को सम्मानित किया गया।
यह सम्मान गणेश आरती की “बाँझन को गर्भ देत” भावना से जोड़ा गया।
4. “निर्धन को माया” — अनुराग सचदेवा
जरूरतमंद बच्चों की निःशुल्क शिक्षा के लिए अनुराग सचदेवा को सम्मानित किया गया। यहां “माया” को शिक्षा, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोड़ा गया है।
5. “बुद्धि प्रदायक सेवा सम्मान” — मनोविकास समिति, उज्जैन
विशेष बच्चों की शिक्षा और बौद्धिक विकास में योगदान के लिए मध्य प्रदेश उज्जैन विकलांग सहायता समिति
/ मनोविकास को सम्मानित किया गया। संस्था के 40 से अधिक शिक्षकों का भी अभिनंदन किया गया।
6. जीवनदान की विघ्नहर्ता — स्व. अभिजीता राठौर
अंगदान के माध्यम से कई लोगों को नया जीवन देने वाली स्व. एडवोकेट अभिजीता राठौर को मरणोपरांत Vighnaharta Award 2026 प्रदान किया गया।
7. आध्यात्मिक चेतना सेवा सम्मान — पं. अतुल रामनारायण तिवारी
वेद-पुराण अध्ययन, शंखनाद और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए पं. अतुल रामनारायण तिवारी को सम्मानित किया गया।
8. “दर्द की विघ्नहर्ता” — Dr. Jagun Singh
फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीजों को दर्द से राहत देने के लिए Dr. Jagun Singh को Physiotherapy Seva Samman प्रदान किया गया।
9. “पर्यावरण के विघ्नहर्ता” — पार्थ जैन और अवनि जैन
अपने विवाह में उपहारों के स्थान पर पौधे स्वीकार कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले पार्थ जैन और अवनि जैन को सम्मानित किया गया।
10. यातायात सुरक्षा सम्मान — पंकज यादव
सड़क सुरक्षा और संकट की स्थिति में साहस दिखाने वाले इंदौर के यातायात आरक्षक पंकज यादव को Vighnaharta Award 2026
– यातायात सुरक्षा सम्मान प्रदान किया गया।
आज रात तीनों वर्षों के विघ्नहर्ताओं का ऑनलाइन सम्मान
तीन वर्षों की इस यात्रा को एक साथ जोड़ने के लिए आज एक विशेष ऑनलाइन सम्मान समारोह रखा गया है।
इसमें Vighnaharta Award 2024, Vighnaharta Award 2025 और Vighnaharta Award 2026
से जुड़े सम्मानित व्यक्तियों का अभिनंदन किया जाएगा।
कार्यक्रम 26 सितंबर 2026 को रात 8:30 बजे IST Zoom पर आयोजित होगा। देश-विदेश से जुड़े सहभागी इस पहल की तीन वर्षों की यात्रा के साक्षी बनेंगे।
कार्यक्रम विवरण:
दिनांक: 26 सितंबर 2026
समय: रात 8:30 बजे IST
माध्यम: Zoom
Zoom ID: 982 607 026
इस ऑनलाइन कार्यक्रम में भारत के साथ USA, Canada, Dubai, Malaysia और Germany से भी सहभागी जुड़ेंगे।
इस अवसर पर तीनों वर्षों के सम्मानित सेवाभावियों का विधिवत अभिनंदन किया जाएगा।
अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ओर Vighnaharta Award
इंदौर से शुरू हुई इस मुहिम को अगले चरण में राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की योजना है।
इसके बाद इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह सम्मान अभियान निःशुल्क रहेगा। इसका उद्देश्य पुरस्कार के नाम पर शुल्क लेना नहीं है।
इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को पहचान देना है, जो बिना अपेक्षा के समाज की सेवा कर रहे हैं।
भविष्य में देश और विदेश के ऐसे सेवाभावियों को भी इस मुहिम से जोड़ने की योजना है, जो किसी व्यक्ति
या समुदाय के जीवन से वास्तविक विघ्न दूर कर रहे हैं।
“आरती केवल गाई न जाए, जीवन में उतारी भी जाए”
“हम गणेश जी से अपने विघ्न दूर करने की प्रार्थना करते हैं। लेकिन हमारे आसपास अनेक लोग वर्षों से दूसरों के विघ्न दूर कर रहे हैं।
मेरे लिए ऐसे लोग साक्षात विघ्नहर्ता हैं। यही गणेश आरती का मानवीकरण है।” — Krishna Guruji
Krishna Guruji के अनुसार प्रतिमा की पूजा श्रद्धा है। वहीं गणेश जी के गुणों को अपने कर्म में उतारना उस श्रद्धा का सामाजिक विस्तार है।
नेत्रदान, स्वास्थ्य सेवा, मातृत्व, शिक्षा, विशेष बच्चों की सेवा, अंगदान, अध्यात्म, दर्द से राहत,
पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा—ये सभी सेवा के अलग-अलग स्वरूप हैं।
Vighnaharta Award का संदेश यही है कि हम भी किसी के जीवन से कम से कम एक विघ्न दूर करने का प्रयास करें।
पहल एवं आयोजन: Krishna Guruji Social Welfare Society
Krishna Guruji
अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक

