मुण्डक उपनिषद: क्या पूजा-पाठ से मोक्ष संभव है? | Krishna Guruji

मुण्डक उपनिषद के अनुसार क्या केवल पूजा-पाठ से मोक्ष संभव है? परा विद्या, अपरा विद्या और आत्मज्ञान के माध्यम से सच्ची पूजा का रहस्य जानिए।
गुरु पूर्णिमा 2026 उत्सव: भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में मार्गदर्शक दिवस | कृष्णा गुरुजी

गुरु पूर्णिमा 2026 उत्सव: भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में मार्गदर्शक दिवस | कृष्णा गुरुजी Guru Purnima 2026 Utsav के पावन अवसर पर 29 जुलाई 2026 को भैरवगढ़ केंद्रीय जेल, उज्जैन में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा (मार्गदर्शक दिवस) का विशेष आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित […]
Upanishads of the Samaveda: What Powers the Mind? Meaning of Tat Tvam Asi

Explore the Upanishads of the Samaveda with Krishna Guruji. Understand the Kena Upanishad, consciousness, the power behind the mind, and the true meaning of Tat Tvam Asi.
Is Death an End or a New Beginning? Upanishads of the Yajurveda

Is death an end or a new beginning? Explore Nachiketa’s question, Atman, consciousness and modern science through the Upanishads of the Yajurveda.
Upanishads of the Rigveda: Aitareya and Kaushitaki | Krishna Guruji

Explore the Upanishads of the Rigveda—Aitareya and Kaushitaki—and understand their teachings on consciousness, creation, Prana and self-knowledge with Krishna Guruji.
स्वयं के राम से स्वयं के रावण का दहन – Duplicate – [#1345]

“स्वयं के राम से स्वयं के रावण का दहन”वर्षों पुरानी परंपरा विजयादशमी पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये मनाया जाता है।शास्त्र कहते है कि रावण का दाह संस्कार नहीं हुआ था।इसी लिए रावण का दहन करना एक परंपरा बन गई। इस कलयुग में रावण दहन मात्र एक खेल से बन गया है।अपने छोटे […]
कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? परंपरा नहीं, जिम्मेदारी का महापर्व | कृष्णा गुरुजी

कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? जिम्मेदारी और सेवा का संदेश कलियुग में चातुर्मास का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या यह केवल व्रत और उपवास का समय है? या यह जिम्मेदारी, सेवा और आत्मचिंतन का पर्व भी है? सनातन परंपरा में चातुर्मास का विशेष महत्व है। However, समय के साथ जीवन की परिस्थितियां बदल गई […]
क्या हमारा भाग्य जन्म से तय होता है? कर्म, ज्ञान और जीवन का वैदिक रहस्य | Krishna Guruji

भाग्य जन्म की परिस्थिति दे सकता है, लेकिन कर्म जीवन को दिशा देता है। प्रश्न उपनिषद, नचिकेता, सेवा, ज्ञान और संतोष पर कृष्णा गुरुजी का प्रेरक चिंतन।
अथर्ववेद के उपनिषद: मुण्डक से ब्रह्मज्ञान और माण्डूक्य से जानें ॐ व चेतना की चार अवस्थाएँ

कृष्णा गुरुजी से जानें अथर्ववेद के उपनिषद, ॐ का रहस्य, मन की चार अवस्थाएँ, जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति, तुरीय तथा सरल ॐ ध्यान और चैंटिंग का महत्व।
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर सरकार संवाद करे: कृष्णा गुरुजी की अपील अमर उजाला में प्रकाशित

कृष्णा गुरुजी ने सरकार से सोनम वांगचुक के मुद्दे पर शांतिपूर्ण संवाद शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मानवता के हित में उनकी बात अवश्य सुनी जानी चाहिए।