Vighnaharta Award 2026 Abhijita Rathore के अंतर्गत Krishna Guruji ने स्व. एडवोकेट अभिजीता राठौर को मरणोपरांत सम्मानित किया। यह सम्मान अंगदान के माध्यम से पाँच लोगों को नया जीवन देने के लिए प्रदान किया गया।
Krishna Guruji ने अभिजीता राठौर के घर पहुँचकर उनकी तस्वीर पर तिरंगा दुपट्टा अर्पित किया। इसके बाद मरणोपरांत सम्मान उनके माता-पिता और बड़े भाई को सौंपा गया।
Vighnaharta Award 2026 Abhijita Rathore: मरणोपरांत सम्मान
सम्मान समारोह में अभिजीता जी के पिता रतन सिंह राठौर उपस्थित थे। उनकी माता गिरिबाला राठौर भी मौजूद थीं। उनके बड़े भाई अभिजीत सिंह राठौर ने श्रद्धापूर्वक सम्मान स्वीकार किया।
यह क्षण पूरे परिवार के लिए भावुक था। साथ ही, इस कार्यक्रम ने समाज को अंगदान का प्रेरणादायक संदेश दिया।
ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिवार ने दी अंगदान की सहमति
अभिजीता राठौर को चिकित्सकों ने ब्रेन डेड घोषित किया था। इसके बाद उनके परिवार ने मानवता और साहस का परिचय दिया।
परिवार ने उनके अंगदान की सहमति प्रदान की।
उनके एक लीवर और दोनों किडनी का जरूरतमंद रोगियों में प्रत्यारोपण हुआ। उनके दोनों कॉर्निया और त्वचा भी दान की गई।
उनके अंगदान से पाँच लोगों को नया जीवन मिला।
इन अंगों को समय पर जरूरतमंदों तक पहुँचाने के लिए इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। परिवार के इस निर्णय ने कई लोगों और उनके परिजनों को नई आशा दी।
इस प्रकार अभिजीता राठौर कई परिवारों के जीवन की विघ्नहर्ता बनीं। उन्होंने अंगदान और मानवता की प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की।
Krishna Guruji ने कहा, “अभिजीता राठौर जी ने इस संसार से जाने के बाद भी जीवन बाँटा।
वे अंग प्राप्त करने वाले लोगों और उनके परिवारों के लिए साक्षात विघ्नहर्ता बनीं।”
गणेश आरती के मानवीकरण की अनूठी पहल
गणेश उत्सव केवल पूजा का अवसर नहीं है। यह भगवान गणेश के गुणों को जीवन में उतारने का पर्व भी है।
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। वे जीवन के संकटों और बाधाओं को दूर करने की प्रेरणा देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक एवं माइंड मेंटर Krishna Guruji ने इसी आध्यात्मिक भाव को मानव सेवा से जोड़ा है।
वे गणेश आरती का मानवीकरण कर रहे हैं। इसके अंतर्गत समाज के वास्तविक विघ्नहर्ताओं को सम्मानित किया जा रहा है।
Krishna Guruji सम्मानित व्यक्तियों और संस्थाओं के घर या कार्यस्थल पर पहुँचते हैं।
यह सम्मान उनकी मानवीय सेवा के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है।
समाज के जीवंत विघ्नहर्ताओं को सम्मान
Vighnaharta Award 2026 उन लोगों को समर्पित है, जो दूसरों के जीवन से बाधाएँ दूर कर रहे हैं।
कोई नेत्रदान से रोशनी देता है। कोई रोगियों की पीड़ा कम करता है। कोई शिक्षा, पर्यावरण या मानव सेवा में योगदान देता है।
ऐसे सेवाभावी लोग समाज के जीवंत विघ्नहर्ता हैं।
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अंगदान मानवता का सर्वोच्च उपहार
अभिजीता राठौर का जीवन समाज के लिए प्रेरणा है। उनके परिवार का निर्णय भी उतना ही सराहनीय है।
परिवार ने अत्यंत कठिन समय में अंगदान की सहमति दी।
यह निर्णय पाँच लोगों और उनके परिवारों के लिए नई आशा बना। अभिजीता जी ने अपने अंगों के माध्यम से दूसरों को नया जीवन दिया।
अंगदान केवल एक चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं है। यह किसी जरूरतमंद को जीवन देने का मानवीय संकल्प है।
अभिजीता जी और उनके परिवार का योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
Vighnaharta Award 2026 सम्मान समारोह का वीडियो
YouTube पर पूरा सम्मान समारोह देखें
अभिजीता राठौर के अंगदान की मीडिया रिपोर्ट
ETV Bharat: पाँच लोगों को नई जिंदगी देकर अमर हुईं अभिजीता राठौर
अमर उजाला: अभिजीता राठौर के अंगदान और ग्रीन कॉरिडोर की रिपोर्ट
दैनिक भास्कर: अभिजीता राठौर के अंगदान की डिजिटल रिपोर्ट
Vighnaharta Award 2026 Abhijita Rathore समाज को अंगदान और मानवता का संदेश देता है।
अभिजीता जी का नाम जीवनदान, साहस और करुणा के प्रतीक के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।
— Krishna Guruji
अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक एवं माइंड मेंटर
Krishna Guruji Social Welfare Society

