**अबकी बार सावन में महाकाल तेरे आंगन में: भस्म आरती का अनुभव कराता कृष्णा गुरुजी का गीत**

महाकाल की भस्म आरती पर आधारित कृष्णा गुरुजी का विशेष गीत “अबके बार सावन में महाकाल तेरे आंगन में” श्रावण माह में भक्तों को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।
गुरु कौन है?— एक प्रश्न ने बदल दी सोच | भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में गुरु पूर्णिमा 2026 | Krishna Guruji

गुरु कौन है? गुरु पूर्णिमा 2026 पर भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में कृष्णा गुरुजी ने बंदी भाइयों को आत्मचिंतन, अनुशासन और नए जीवन का प्रेरक संदेश दिया।
गुरु पूर्णिमा: गुरु कौन है? | कलियुग पुराण के अनुसार गुरु का वास्तविक अर्थ

गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि कृतज्ञता का उत्सव है। कृष्णा गुरुजी कलियुग पुराण के अनुसार बताते हैं कि गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि ज्ञान, वाणी और चेतना है। माता-पिता, शिक्षक, मेंटर और जीवन में सही मार्गदर्शन देने वाला प्रत्येक व्यक्ति गुरु है। सच्ची गुरु पूर्णिमा सभी गुरुओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त करने और उनके ज्ञान को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प है।
मुण्डक उपनिषद: क्या पूजा-पाठ से मोक्ष संभव है? | Krishna Guruji

मुण्डक उपनिषद के अनुसार क्या केवल पूजा-पाठ से मोक्ष संभव है? परा विद्या, अपरा विद्या और आत्मज्ञान के माध्यम से सच्ची पूजा का रहस्य जानिए।
गुरु पूर्णिमा 2026 उत्सव: भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में मार्गदर्शक दिवस | कृष्णा गुरुजी

गुरु पूर्णिमा 2026 उत्सव: भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में मार्गदर्शक दिवस | कृष्णा गुरुजी GuruPurnima 2026 Utsav के पावन अवसर पर 29 जुलाई 2026 को भैरवगढ़ केंद्रीय जेल, उज्जैन में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी गुरुपूर्णिमा (मार्गदर्शक दिवस) का विशेष आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित होगा। […]
Upanishads of the Samaveda: What Powers the Mind? Meaning of Tat Tvam Asi

Explore the Upanishads of the Samaveda with Krishna Guruji. Understand the Kena Upanishad, consciousness, the power behind the mind, and the true meaning of Tat Tvam Asi.
Is Death an End or a New Beginning? Upanishads of the Yajurveda

Is death an end or a new beginning? Explore Nachiketa’s question, Atman, consciousness and modern science through the Upanishads of the Yajurveda.
Upanishads of the Rigveda: Aitareya and Kaushitaki | Krishna Guruji

Explore the Upanishads of the Rigveda—Aitareya and Kaushitaki—and understand their teachings on consciousness, creation, Prana and self-knowledge with Krishna Guruji.
कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? परंपरा नहीं, जिम्मेदारी का महापर्व | कृष्णा गुरुजी

कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? जिम्मेदारी और सेवा का संदेश कलियुग में चातुर्मास का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या यह केवल व्रत और उपवास का समय है? या यह जिम्मेदारी, सेवा और आत्मचिंतन का पर्व भी है? सनातन परंपरा में चातुर्मास का विशेष महत्व है। However, समय के साथ जीवन की परिस्थितियां बदल गई […]
क्या हमारा भाग्य जन्म से तय होता है? कर्म, ज्ञान और जीवन का वैदिक रहस्य | Krishna Guruji

भाग्य जन्म की परिस्थिति दे सकता है, लेकिन कर्म जीवन को दिशा देता है। प्रश्न उपनिषद, नचिकेता, सेवा, ज्ञान और संतोष पर कृष्णा गुरुजी का प्रेरक चिंतन।