सामवेद के उपनिषद: मन को शक्ति कौन देता है? ‘तत्त्वमसि’ का वास्तविक अर्थ

सामवेद के उपनिषद के माध्यम से जानिए मन, चेतना, ब्रह्म और “तत्त्वमसि” का सरल रहस्य। केन उपनिषद और छांदोग्य उपनिषद की शिक्षाओं को आसान भाषा में समझें।
**क्या मृत्यु अंत है या एक नई शुरुआत? यजुर्वेद के उपनिषद और आधुनिक विज्ञान का चिंतन**

यजुर्वेद के उपनिषदों पर आधारित यह लेख मृत्यु, आत्मा, चेतना और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित करते हुए जीवन को संतुलित और सार्थक बनाने का संदेश देता है।
ऋग्वेद के उपनिषद: ऐतरेय और कौषीतकि उपनिषद का सरल परिचय

ऋग्वेद के उपनिषद मनुष्य को अपने भीतर झाँकने की प्रेरणा देते हैं। वेदों में मंत्र, प्रार्थना और जीवन का मार्ग मिलता है। वहीं, उपनिषद जीवन से जुड़े गहरे प्रश्नों पर चिंतन कराते हैं। आज हम ऋग्वेद से जुड़े दो प्रमुख उपनिषदों को समझेंगे। ऐतरेय उपनिषद कौषीतकि या शांखायन उपनिषद उपनिषद क्या हैं? उपनिषद भारतीय आध्यात्मिक […]
अथर्ववेद का सार: निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि और प्रकृति से जुड़ने का वैदिक संदेश

अथर्ववेद का सार जानें। निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि, योग, प्राणायाम, ध्यान, प्रकृति संरक्षण और संतुलित जीवन का वैदिक संदेश कृष्णा गुरुजी की सरल एवं तर्कपूर्ण व्याख्या के साथ।
सामवेद का सार: ऋग्वेद के मंत्रों को सुर, लय और सामगान देने वाला वेद | कृष्णा गुरुजी

सामवेद का सार: ऋग्वेद के मंत्रों को सुर, लय और सामगान देने वाला वेद सामवेद का सार समझने के लिए पहले ऋग्वेद और यजुर्वेद के संबंध को जानना आवश्यक है। चारों वेद भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण आधार हैं। हालांकि, प्रत्येक वेद की अपनी अलग भूमिका है। सबसे पहले हमने ऋग्वेद का सार जाना। ऋग्वेद […]
**यजुर्वेद का सार: यज्ञ, हवन, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण का वैदिक संदेश**

ऋग्वेद हमें प्रकृति और पंचमहाभूतों के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है। वहीं, यजुर्वेद का सार हमें समझाता है कि उस कृतज्ञता को कर्म, यज्ञ, आहुति और समर्पण में कैसे बदला जाए।यजुर्वेद केवल हवन की विधियों का ग्रंथ नहीं है। यह श्रेष्ठ कर्म, सामाजिक सहभागिता, त्याग, अनुशासन और लोककल्याण का ज्ञान भी देता है। आज […]
बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी, अब हमें संभलना होगा

बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी, अब हमें संभलना होगा बाबा अमरनाथ के प्राकृतिक हिमलिंग का समय से पहले पिघलना केवल एक धार्मिक विषय नहीं है। यह संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रकृति की ओर से एक गंभीर चेतावनी और आत्ममंथन का अवसर है। अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक, कलियुग पुराण के […]
नई शुरुआत दीप जलाकर करें, फीता काटकर नहीं : कृष्णा गुरुजी

उद्घाटन में फीता काटने की परंपरा भारत सहित कई देशों में निभाई जाती है। नई शुरुआत दीप जलाकर करें, फीता काटकर नहीं : कृष्णा गुरुजी उद्घाटन केवल किसी भवन का द्वार खोलने की औपचारिकता नहीं है। वास्तव में, उद्घाटन में फीता काटने की परंपरा का विचार वर्षों से समाज में प्रचलित है। यह नई आशा, […]
श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी बदल सकते हैं किसी का जीवन

श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी दें श्रम का सम्मान केवल सामाजिक व्यवहार नहीं है। यह मानवता, कृतज्ञता और संस्कार का प्रतीक है। हम अपने घर, कार्यालय या संस्थान में अनेक लोगों से काम करवाते हैं। कोई पेंटर होता है, कोई मिस्त्री, कोई प्लंबर, कोई इलेक्ट्रीशियन, कोई सफाईकर्मी या माली। […]
राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी का संदेश

राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी लेखक: कृष्णकांत मिश्रा ‘कृष्णा गुरुजी’ अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक एवं मार्गदर्शक राम मंदिर दान चोरी की घटना से हर राम भक्त आहत है। यह केवल धन की चोरी नहीं है। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। प्रभु श्रीराम के चरणों में […]