शिवजी के सिर पर चंद्रमा और हाथ में डमरू क्यों है? तीन फैक्ट्रियों का रहस्य

शिव के चंद्रमा और डमरू का रहस्य समझाते कृष्णा गुरुजी

शिवजी के मस्तक पर चंद्रमा और हाथ में डमरू क्यों है? कृष्णा गुरुजी से जानिए इनके आध्यात्मिक अर्थ तथा हृदय में Fire, वाणी में Sugar और मस्तिष्क में Ice—जीवन की तीन फैक्ट्रियों का रहस्य।

महाकाल की भस्मारती का रहस्य: शिव और भस्म का क्या संबंध है?

महाकाल की भस्मारती का रहस्य समझाते हुए कृष्णा गुरुजी, शिवलिंग, भस्म और रुद्र ज्ञान पर आधारित आध्यात्मिक चित्र।

कृष्णा गुरुजी (कृष्णा कांत मिश्रा) एक आध्यात्मिक चिंतक, योग साधक और ‘कलियुग पुराण’ के लेखक हैं। वे जटिल आध्यात्मिक विषयों को तर्कपूर्ण, सरल और समकालीन भाषा में समझाने के लिए जाने जाते हैं। योग, ध्यान, मानवता, उत्सव रूपांतरण, दिव्य एस्ट्रो हीलिंग तथा सर्वधर्म प्रार्थना के माध्यम से वे लोगों को अपने भीतर के दिव्य तत्व को पहचानने के लिए प्रेरित करते हैं। इस लेख में प्रस्तुत विचार ‘कलियुग पुराण’ की आध्यात्मिक दृष्टि पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य परंपराओं के पीछे छिपे संकेतों को आधुनिक संदर्भ में समझाना है।

Why Does Monday Follow Sunday? The Astronomy Behind the Seven-Day Week

Why Does Monday Follow Sunday? Feature image explaining the astronomy, mathematics, and ancient origin of the seven-day week by Krishna Guruji.

Why does Monday follow Sunday? Discover the fascinating astronomy, mathematics, and ancient wisdom behind the seven-day week. Learn how the seven visible celestial bodies, the ancient hora system, and symbolic planetary qualities shaped our calendar. An insightful perspective by Krishna Guruji from Kaliyug Puran.

कांवड़ यात्रा कलियुग में कितनी प्रासंगिक? | कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी का संदेश

कांवड़ यात्रा कलियुग में कितनी प्रासंगिक है? कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी का आध्यात्मिक संदेश दर्शाती फीचर इमेज।

श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक साधना, अनुशासन और आत्मशुद्धि का महापर्व है। कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी बताते हैं कि वास्तविक जलाभिषेक तब है, जब व्यक्ति अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और स्वार्थ का त्याग कर शिव भाव को अपनाता है। खुलासा फर्स्ट और इंदौर समाचार में प्रकाशित यह संदेश आज के समाज में कांवड़ यात्रा की प्रासंगिकता पर एक सकारात्मक और चिंतनशील दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

**अबकी बार सावन में महाकाल तेरे आंगन में: भस्म आरती का अनुभव कराता कृष्णा गुरुजी का गीत**

कृष्णा गुरुजी द्वारा गाया गया महाकाल की भस्म आरती पर आधारित गीत ‘अबके बार सावन में महाकाल तेरे आंगन में’ का फीचर पोस्टर

महाकाल की भस्म आरती पर आधारित कृष्णा गुरुजी का विशेष गीत “अबके बार सावन में महाकाल तेरे आंगन में” श्रावण माह में भक्तों को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।

गुरु कौन है?— एक प्रश्न ने बदल दी सोच | भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में गुरु पूर्णिमा 2026 | Krishna Guruji

गुरु कौन है? गुरु पूर्णिमा 2026 पर भैरवगढ़ केंद्रीय जेल, उज्जैन में कृष्णा गुरुजी द्वारा आयोजित मार्गदर्शक दिवस कार्यक्रम में बंदी भाइयों के साथ आत्मचिंतन और नए जीवन का संकल्प।

गुरु कौन है? गुरु पूर्णिमा 2026 पर भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में कृष्णा गुरुजी ने बंदी भाइयों को आत्मचिंतन, अनुशासन और नए जीवन का प्रेरक संदेश दिया।

गुरु पूर्णिमा: गुरु कौन है? | कलियुग पुराण के अनुसार गुरु का वास्तविक अर्थ

गुरु पूर्णिमा पर कृष्णा गुरुजी का संदेश – गुरु कौन है? कलियुग पुराण के अनुसार गुरु एक चेतना है, व्यक्ति नहीं।

गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि कृतज्ञता का उत्सव है। कृष्णा गुरुजी कलियुग पुराण के अनुसार बताते हैं कि गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि ज्ञान, वाणी और चेतना है। माता-पिता, शिक्षक, मेंटर और जीवन में सही मार्गदर्शन देने वाला प्रत्येक व्यक्ति गुरु है। सच्ची गुरु पूर्णिमा सभी गुरुओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त करने और उनके ज्ञान को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प है।

गुरु पूर्णिमा 2026 उत्सव: भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में मार्गदर्शक दिवस | कृष्णा गुरुजी

Guru Purnima 2026 Utsav (Margdarshak Diwas) at Bhairavgarh Central Jail Ujjain by Krishna Guruj

गुरु पूर्णिमा 2026 उत्सव: भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में मार्गदर्शक दिवस | कृष्णा गुरुजी Guru Purnima 2026 Utsav के पावन अवसर पर 29 जुलाई 2026 को भैरवगढ़ केंद्रीय जेल, उज्जैन में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा (मार्गदर्शक दिवस) का विशेष आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित […]

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