गुरु कौन है?— एक प्रश्न ने बदल दी सोच | भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में गुरु पूर्णिमा 2026 | Krishna Guruji

गुरु कौन है? गुरु पूर्णिमा 2026 पर भैरवगढ़ केंद्रीय जेल, उज्जैन में कृष्णा गुरुजी द्वारा आयोजित मार्गदर्शक दिवस कार्यक्रम में बंदी भाइयों के साथ आत्मचिंतन और नए जीवन का संकल्प।

गुरु कौन है? गुरु पूर्णिमा 2026 पर भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में कृष्णा गुरुजी ने बंदी भाइयों को आत्मचिंतन, अनुशासन और नए जीवन का प्रेरक संदेश दिया।

गुरु पूर्णिमा 2026 उत्सव: भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में मार्गदर्शक दिवस | कृष्णा गुरुजी

Guru Purnima 2026 Utsav (Margdarshak Diwas) at Bhairavgarh Central Jail Ujjain by Krishna Guruj

  गुरु पूर्णिमा 2026 उत्सव: भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में मार्गदर्शक दिवस | कृष्णा गुरुजी GuruPurnima 2026 Utsav के पावन अवसर पर 29 जुलाई 2026 को भैरवगढ़ केंद्रीय जेल, उज्जैन में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी गुरुपूर्णिमा (मार्गदर्शक दिवस) का विशेष आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित होगा। […]

सोनम वांगचुक के मुद्दे पर सरकार संवाद करे: कृष्णा गुरुजी की अपील अमर उजाला में प्रकाशित

सोनम वांगचुक से संवाद करे सरकार – कृष्णा गुरुजी की अपील

कृष्णा गुरुजी ने सरकार से सोनम वांगचुक के मुद्दे पर शांतिपूर्ण संवाद शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मानवता के हित में उनकी बात अवश्य सुनी जानी चाहिए।

बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी, अब हमें संभलना होगा

बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी | कृष्णा गुरुजी

बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी, अब हमें संभलना होगा बाबा अमरनाथ के प्राकृतिक हिमलिंग का समय से पहले पिघलना केवल एक धार्मिक विषय नहीं है। यह संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रकृति की ओर से एक गंभीर चेतावनी और आत्ममंथन का अवसर है। अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक, कलियुग पुराण के […]

नई शुरुआत दीप जलाकर करें, फीता काटकर नहीं : कृष्णा गुरुजी

कृष्णा गुरुजी उद्घाटन में फीता काटने की परंपरा के स्थान पर दीप प्रज्ज्वलन और फीते को सम्मानपूर्वक हटाकर नई शुरुआत करने का संदेश देते हुए।

उद्घाटन में फीता काटने की परंपरा भारत सहित कई देशों में निभाई जाती है। नई शुरुआत दीप जलाकर करें, फीता काटकर नहीं : कृष्णा गुरुजी उद्घाटन केवल किसी भवन का द्वार खोलने की औपचारिकता नहीं है। वास्तव में, उद्घाटन में फीता काटने की परंपरा का विचार वर्षों से समाज में प्रचलित है। यह नई आशा, […]

श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी बदल सकते हैं किसी का जीवन

कृष्णा गुरुजी ने घर की पुताई का कार्य पूरा करने वाले श्रमिक अनिल जी और दिलीप जी का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया। यह चित्र श्रम के सम्मान, कृतज्ञता और मानवता का संदेश देता है।

श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी दें श्रम का सम्मान केवल सामाजिक व्यवहार नहीं है। यह मानवता, कृतज्ञता और संस्कार का प्रतीक है। हम अपने घर, कार्यालय या संस्थान में अनेक लोगों से काम करवाते हैं। कोई पेंटर होता है, कोई मिस्त्री, कोई प्लंबर, कोई इलेक्ट्रीशियन, कोई सफाईकर्मी या माली। […]

राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी का संदेश

राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाने का संदेश देते हुए कृष्णा गुरुजी का फीचर इमेज, पृष्ठभूमि में अयोध्या राम मंदिर और दानपात्र का चित्र।

राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी लेखक: कृष्णकांत मिश्रा ‘कृष्णा गुरुजी’ अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक एवं मार्गदर्शक राम मंदिर दान चोरी की घटना से हर राम भक्त आहत है। यह केवल धन की चोरी नहीं है। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। प्रभु श्रीराम के चरणों में […]

रामचंद्र कह गए सिया से, ऐसा कलियुग आएगा: त्रेता की सिया और कलियुग की सिया पर एक चिंतन

त्रेता की सिया और कलियुग की सिया पर चिंतन दर्शाती फीचर इमेज, जिसमें न्याय, मर्यादा, समाज और आधुनिक तकनीक के प्रभाव को दर्शाया गया है।

  रामचंद्र कह गए सिया से, ऐसा कलियुग आएगा: त्रेता की सिया और कलियुग की सिया पर एक चिंतन आज का समाज तेजी से बदल रहा है। त्रेता की सिया और कलियुग की सिया के दृष्टिकोण से देखें तो, तकनीक, कानून और सामाजिक सोच ने हमारे जीवन को नई दिशा दी है। फिर भी सत्य, […]

मुंह दिखाई से प्री-वेडिंग शूट तक: क्या दिखावा संस्कारों पर भारी पड़ रहा है?

मुंह दिखाई से प्री-वेडिंग शूट तक विवाह संस्कार और पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड पर कृष्णा गुरुजी का सामाजिक संदेश

मुंह दिखाई से प्री-वेडिंग शूट तक: क्या दिखावा संस्कारों पर भारी पड़ रहा है? पुणे का केतन अग्रवाल हत्याकांड समाज के लिए एक चेतावनी – कृष्णा गुरुजी सनातन संस्कृति में विवाह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। विवाह के सात फेरे केवल अग्नि की परिक्रमा […]

मंदिरों में दान या आस्था का व्यापार? श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन से मेरी विनम्र अपील

मंदिरों में दान, आस्था, पारदर्शिता और धार्मिक व्यवस्था पर कृष्णा गुरुजी का चिंतन

  मंदिरों में दान या आस्था का व्यापार? श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन से मेरी विनम्र अपील कृष्णा गुरुजी का आध्यात्मिक चिंतन आज बड़े दुखी मन से कहना पड़ रहा है कि जिस आस्था और भावनाओं के साथ श्रद्धालु मंदिरों में दान करते हैं, कहीं न कहीं उन्हीं भावनाओं और आस्था का व्यापार भी होने लगा […]

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