प्रकृति पर अतिक्रमण करोगे तो प्रकृति का बुलडोजर चलेगा | Krishna Guruji

**संशोधित Alt Text:** प्रकृति का बुलडोजर: नेपाल–तिब्बत ग्लेशियर आपदा पर कृष्ण गुरुजी का पर्यावरण संरक्षण संदेश

**संशोधित Excerpt:**

प्रकृति का बुलडोजर मानवता के लिए गंभीर चेतावनी है। अमरनाथ हिमलिंग और नेपाल–तिब्बत आपदा पर कृष्ण गुरुजी ने विकास तथा प्रकृति संरक्षण में संतुलन का संदेश दिया।

राहुल गांधी का मनुस्मृति पर बयान: प्राचीन ग्रंथ ज्ञान का विषय हैं, न कि राजनीति का हथियार

राहुल गांधी का मनुस्मृति पर बयान—प्राचीन ग्रंथ ज्ञान का विषय हैं, राजनीति का हथियार नहीं

राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान पर कृष्णा गुरुजी की संतुलित दृष्टि: प्राचीन ग्रंथ, महिला सम्मान, इतिहास और राजनीतिक विमर्श।

रक्षाबंधन 2026: कृष्णा गुरुजी इंदौर कुष्ठ सेवा सदन में बहनों से बंधवाएंगे राखी

रक्षाबंधन 2026 पर कुष्ठ आश्रम की बहन से राखी बंधवाते कृष्णा गुरुजी

रक्षाबंधन 2026 पर कृष्णा गुरुजी बीमा अस्पताल के पीछे स्थित कुष्ठ सेवा सदन, इंदौर जाकर बहनों से राखी बंधवाएंगे और सम्मान व सुरक्षा का संदेश देंगे।

कोरोना लॉकडाउन में इंदौर से 29 देशों तक पहुँची सर्वधर्म प्रार्थना | Krishna Guruji

कोरोना लॉकडाउन में सर्वधर्म प्रार्थना करते कृष्णा गुरुजी, इंदौर से जुड़े 29 देशों के लोग

कोरोना लॉकडाउन में कृष्णा गुरुजी ने इंदौर से करीब 90 दिनों तक निशुल्क ऑनलाइन सर्वधर्म प्रार्थना आयोजित की। इसमें 29 देशों के लोगों ने कोरोना मरीजों, उनके परिवारों और कोरोना वॉरियर्स के लिए पूजा, दुआ, अरदास और प्रार्थना की।

152 लावारिस अस्थियों का विसर्जन: कृष्णा गुरुजी की मानवता को समर्पित अनूठी पहल

152 लावारिस अस्थियों का विधिवत विसर्जन करते Krishna Guruji

Krishna Guruji और Krishna Guruji Social Welfare Society ने इंदौर की 152 लावारिस अस्थियों का सिद्धवट, उज्जैन में विधिवत विसर्जन, पिंडदान और तर्पण किया। इस मानवीय पहल को MP Tak, ETV Bharat और World Book of Records, London ने भी मान्यता दी।

कांवड़ यात्रा कलियुग में कितनी प्रासंगिक? | कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी का संदेश

कांवड़ यात्रा कलियुग में कितनी प्रासंगिक है? कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी का आध्यात्मिक संदेश दर्शाती फीचर इमेज।

श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक साधना, अनुशासन और आत्मशुद्धि का महापर्व है। कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी बताते हैं कि वास्तविक जलाभिषेक तब है, जब व्यक्ति अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और स्वार्थ का त्याग कर शिव भाव को अपनाता है। खुलासा फर्स्ट और इंदौर समाचार में प्रकाशित यह संदेश आज के समाज में कांवड़ यात्रा की प्रासंगिकता पर एक सकारात्मक और चिंतनशील दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

**अबकी बार सावन में महाकाल तेरे आंगन में: भस्म आरती का अनुभव कराता कृष्णा गुरुजी का गीत**

कृष्णा गुरुजी द्वारा गाया गया महाकाल की भस्म आरती पर आधारित गीत ‘अबके बार सावन में महाकाल तेरे आंगन में’ का फीचर पोस्टर

महाकाल की भस्म आरती पर आधारित कृष्णा गुरुजी का विशेष गीत “अबके बार सावन में महाकाल तेरे आंगन में” श्रावण माह में भक्तों को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।

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