स्वयं के राम से स्वयं के रावण का दहन – Duplicate – [#1345]

“स्वयं के राम से स्वयं के रावण का दहन”वर्षों पुरानी परंपरा विजयादशमी पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये मनाया जाता है।शास्त्र कहते है कि रावण का दाह संस्कार नहीं हुआ था।इसी लिए रावण का दहन करना एक परंपरा बन गई। इस कलयुग में रावण दहन मात्र एक खेल से बन गया है।अपने छोटे […]

कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? परंपरा नहीं, जिम्मेदारी का महापर्व | कृष्णा गुरुजी

भगवान विष्णु की योगनिद्रा के माध्यम से कलियुग में चातुर्मास का संदेश देते हुए कृष्णा गुरुजी – प्रकृति संरक्षण, मानव सेवा और जिम्मेदारी

  कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? जिम्मेदारी और सेवा का संदेश कलियुग में चातुर्मास का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या यह केवल व्रत और उपवास का समय है? या यह जिम्मेदारी, सेवा और आत्मचिंतन का पर्व भी है? सनातन परंपरा में चातुर्मास का विशेष महत्व है। However, समय के साथ जीवन की परिस्थितियां बदल गई […]

क्या हमारा भाग्य जन्म से तय होता है? कर्म, ज्ञान और जीवन का वैदिक रहस्य | Krishna Guruji

क्या हमारा भाग्य जन्म से तय होता है? प्रश्न उपनिषद और अथर्ववेद पर कृष्णा गुरुजी का संदेश

भाग्य जन्म की परिस्थिति दे सकता है, लेकिन कर्म जीवन को दिशा देता है। प्रश्न उपनिषद, नचिकेता, सेवा, ज्ञान और संतोष पर कृष्णा गुरुजी का प्रेरक चिंतन।

अथर्ववेद के उपनिषद: मुण्डक से ब्रह्मज्ञान और माण्डूक्य से जानें ॐ व चेतना की चार अवस्थाएँ

Krishna Guruji explaining Atharvaveda Upanishads, Mundaka Upanishad, Om Meditation, Om Chanting and the four states of consciousness

कृष्णा गुरुजी से जानें अथर्ववेद के उपनिषद, ॐ का रहस्य, मन की चार अवस्थाएँ, जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति, तुरीय तथा सरल ॐ ध्यान और चैंटिंग का महत्व।

सोनम वांगचुक के मुद्दे पर सरकार संवाद करे: कृष्णा गुरुजी की अपील अमर उजाला में प्रकाशित

सोनम वांगचुक से संवाद करे सरकार – कृष्णा गुरुजी की अपील

कृष्णा गुरुजी ने सरकार से सोनम वांगचुक के मुद्दे पर शांतिपूर्ण संवाद शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मानवता के हित में उनकी बात अवश्य सुनी जानी चाहिए।

सामवेद के उपनिषद: मन को शक्ति कौन देता है? ‘तत्त्वमसि’ का वास्तविक अर्थ

सामवेद के उपनिषद – मन को शक्ति कौन देता है और ‘तत्त्वमसि’ का वास्तविक अर्थ समझाते कृष्णा गुरुजी

सामवेद के उपनिषद के माध्यम से जानिए मन, चेतना, ब्रह्म और “तत्त्वमसि” का सरल रहस्य। केन उपनिषद और छांदोग्य उपनिषद की शिक्षाओं को आसान भाषा में समझें।

**क्या मृत्यु अंत है या एक नई शुरुआत? यजुर्वेद के उपनिषद और आधुनिक विज्ञान का चिंतन**

कृष्णा गुरुजी के साथ यजुर्वेद के उपनिषद पर प्रवचन – क्या मृत्यु अंत है या एक नई शुरुआत? कठोपनिषद में नचिकेता के प्रश्न का आधुनिक दृष्टिकोण से विश्लेषण।

यजुर्वेद के उपनिषदों पर आधारित यह लेख मृत्यु, आत्मा, चेतना और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित करते हुए जीवन को संतुलित और सार्थक बनाने का संदेश देता है।

ऋग्वेद के उपनिषद: ऐतरेय और कौषीतकि उपनिषद का सरल परिचय

ऋग्वेद के उपनिषद ऐतरेय और कौषीतकि उपनिषद कृष्णा गुरुजी

ऋग्वेद के उपनिषद मनुष्य को अपने भीतर झाँकने की प्रेरणा देते हैं। वेदों में मंत्र, प्रार्थना और जीवन का मार्ग मिलता है। वहीं, उपनिषद जीवन से जुड़े गहरे प्रश्नों पर चिंतन कराते हैं। आज हम ऋग्वेद से जुड़े दो प्रमुख उपनिषदों को समझेंगे। ऐतरेय उपनिषद कौषीतकि या शांखायन उपनिषद उपनिषद क्या हैं? उपनिषद भारतीय आध्यात्मिक […]

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