अथर्ववेद का सार: निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि और प्रकृति से जुड़ने का वैदिक संदेश

अथर्ववेद का सार जानें। निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि, योग, प्राणायाम, ध्यान, प्रकृति संरक्षण और संतुलित जीवन का वैदिक संदेश कृष्णा गुरुजी की सरल एवं तर्कपूर्ण व्याख्या के साथ।
सामवेद का सार: ऋग्वेद के मंत्रों को सुर, लय और सामगान देने वाला वेद | कृष्णा गुरुजी

सामवेद का सार: ऋग्वेद के मंत्रों को सुर, लय और सामगान देने वाला वेद सामवेद का सार समझने के लिए पहले ऋग्वेद और यजुर्वेद के संबंध को जानना आवश्यक है। चारों वेद भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण आधार हैं। हालांकि, प्रत्येक वेद की अपनी अलग भूमिका है। सबसे पहले हमने ऋग्वेद का सार जाना। ऋग्वेद […]
**यजुर्वेद का सार: यज्ञ, हवन, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण का वैदिक संदेश**

ऋग्वेद हमें प्रकृति और पंचमहाभूतों के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है। वहीं, यजुर्वेद का सार हमें समझाता है कि उस कृतज्ञता को कर्म, यज्ञ, आहुति और समर्पण में कैसे बदला जाए।यजुर्वेद केवल हवन की विधियों का ग्रंथ नहीं है। यह श्रेष्ठ कर्म, सामाजिक सहभागिता, त्याग, अनुशासन और लोककल्याण का ज्ञान भी देता है। आज […]
बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी, अब हमें संभलना होगा

बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी, अब हमें संभलना होगा बाबा अमरनाथ के प्राकृतिक हिमलिंग का समय से पहले पिघलना केवल एक धार्मिक विषय नहीं है। यह संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रकृति की ओर से एक गंभीर चेतावनी और आत्ममंथन का अवसर है। अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक, कलियुग पुराण के […]
नई शुरुआत दीप जलाकर करें, फीता काटकर नहीं : कृष्णा गुरुजी

उद्घाटन में फीता काटने की परंपरा भारत सहित कई देशों में निभाई जाती है। नई शुरुआत दीप जलाकर करें, फीता काटकर नहीं : कृष्णा गुरुजी उद्घाटन केवल किसी भवन का द्वार खोलने की औपचारिकता नहीं है। वास्तव में, उद्घाटन में फीता काटने की परंपरा का विचार वर्षों से समाज में प्रचलित है। यह नई आशा, […]
श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी बदल सकते हैं किसी का जीवन

श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी दें श्रम का सम्मान केवल सामाजिक व्यवहार नहीं है। यह मानवता, कृतज्ञता और संस्कार का प्रतीक है। हम अपने घर, कार्यालय या संस्थान में अनेक लोगों से काम करवाते हैं। कोई पेंटर होता है, कोई मिस्त्री, कोई प्लंबर, कोई इलेक्ट्रीशियन, कोई सफाईकर्मी या माली। […]
राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी का संदेश

राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी लेखक: कृष्णकांत मिश्रा ‘कृष्णा गुरुजी’ अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक एवं मार्गदर्शक राम मंदिर दान चोरी की घटना से हर राम भक्त आहत है। यह केवल धन की चोरी नहीं है। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। प्रभु श्रीराम के चरणों में […]
America’s 250th Independence Day: Global Prayer for Humanity and World Peace by Krishna Guruji

On America 250th Independence Day, Krishna Guruji led a Global Prayer for Humanity and World Peace with participants from the USA, Canada, Dubai, and India, promoting the message of One World Family.
कलियुग में गुरुपूर्णिमा का महत्व: मार्गदर्शक दिवस और गुरु-तत्त्व का संदेश | कृष्णा गुरुजी

गुरुपूर्णिमा केवल गुरु पूजन का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन, कृतज्ञता और जीवन में मार्गदर्शन देने वाले सभी व्यक्तियों के सम्मान का अवसर है। जानिए कलियुग में गुरुपूर्णिमा का महत्व और मार्गदर्शक दिवस का संदेश कृष्णा गुरुजी के विचारों के साथ।
Rigveda Summary: The Ancient Treasure of Human Wisdom | Krishna Guruji

Rigveda: The Ancient Knowledge of Human Civilization and Its Modern Message Author: Krishna Kant Mishra “Krishna Guruji” This article provides a brief Rigveda Summary for readers interested in understanding its essence. The Rigveda is not only a religious scripture, but also a priceless treasure of ancient human knowledge, thought, and spiritual wisdom. Even today, its […]