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भगवान विष्णु की योगनिद्रा के माध्यम से कलियुग में चातुर्मास का संदेश देते हुए कृष्णा गुरुजी – प्रकृति संरक्षण, मानव सेवा और जिम्मेदारी

कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? परंपरा नहीं, जिम्मेदारी का महापर्व | कृष्णा गुरुजी

  कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? जिम्मेदारी और सेवा का संदेश कलियुग में चातुर्मास का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या यह केवल व्रत और उपवास

क्या हमारा भाग्य जन्म से तय होता है? प्रश्न उपनिषद और अथर्ववेद पर कृष्णा गुरुजी का संदेश

क्या हमारा भाग्य जन्म से तय होता है? कर्म, ज्ञान और जीवन का वैदिक रहस्य | Krishna Guruji

भाग्य जन्म की परिस्थिति दे सकता है, लेकिन कर्म जीवन को दिशा देता है। प्रश्न उपनिषद, नचिकेता, सेवा, ज्ञान और संतोष पर कृष्णा गुरुजी का प्रेरक चिंतन।

Krishna Guruji explaining Atharvaveda Upanishads, Mundaka Upanishad, Om Meditation, Om Chanting and the four states of consciousness

अथर्ववेद के उपनिषद: मुण्डक से ब्रह्मज्ञान और माण्डूक्य से जानें ॐ व चेतना की चार अवस्थाएँ

कृष्णा गुरुजी से जानें अथर्ववेद के उपनिषद, ॐ का रहस्य, मन की चार अवस्थाएँ, जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति, तुरीय तथा सरल ॐ ध्यान और चैंटिंग का महत्व।

सोनम वांगचुक से संवाद करे सरकार – कृष्णा गुरुजी की अपील

सोनम वांगचुक के मुद्दे पर सरकार संवाद करे: कृष्णा गुरुजी की अपील अमर उजाला में प्रकाशित

कृष्णा गुरुजी ने सरकार से सोनम वांगचुक के मुद्दे पर शांतिपूर्ण संवाद शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मानवता के हित में उनकी बात अवश्य सुनी जानी चाहिए।

सामवेद के उपनिषद – मन को शक्ति कौन देता है और ‘तत्त्वमसि’ का वास्तविक अर्थ समझाते कृष्णा गुरुजी

सामवेद के उपनिषद: मन को शक्ति कौन देता है? ‘तत्त्वमसि’ का वास्तविक अर्थ

सामवेद के उपनिषद के माध्यम से जानिए मन, चेतना, ब्रह्म और “तत्त्वमसि” का सरल रहस्य। केन उपनिषद और छांदोग्य उपनिषद की शिक्षाओं को आसान भाषा में समझें।

कृष्णा गुरुजी के साथ यजुर्वेद के उपनिषद पर प्रवचन – क्या मृत्यु अंत है या एक नई शुरुआत? कठोपनिषद में नचिकेता के प्रश्न का आधुनिक दृष्टिकोण से विश्लेषण।

**क्या मृत्यु अंत है या एक नई शुरुआत? यजुर्वेद के उपनिषद और आधुनिक विज्ञान का चिंतन**

यजुर्वेद के उपनिषदों पर आधारित यह लेख मृत्यु, आत्मा, चेतना और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित करते हुए जीवन को संतुलित और सार्थक बनाने का संदेश देता है।

ऋग्वेद के उपनिषद ऐतरेय और कौषीतकि उपनिषद कृष्णा गुरुजी

ऋग्वेद के उपनिषद: ऐतरेय और कौषीतकि उपनिषद का सरल परिचय

ऋग्वेद के उपनिषद मनुष्य को अपने भीतर झाँकने की प्रेरणा देते हैं। वेदों में मंत्र, प्रार्थना और जीवन का मार्ग मिलता है। वहीं, उपनिषद जीवन

अथर्ववेद का सार – निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि, योग और प्रकृति का वैदिक संदेश | कृष्णा गुरुजी

अथर्ववेद का सार: निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि और प्रकृति से जुड़ने का वैदिक संदेश

अथर्ववेद का सार जानें। निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि, योग, प्राणायाम, ध्यान, प्रकृति संरक्षण और संतुलित जीवन का वैदिक संदेश कृष्णा गुरुजी की सरल एवं तर्कपूर्ण व्याख्या के साथ।

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