स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है। यह राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाने का भी अवसर है।
15 August Do for Nation Donation अभियान राष्ट्रप्रेम को अपने व्यवहार में उतारने का एक विशेष संकल्प है।
हम अपना जन्मदिन उत्साह से मनाते हैं। परिवार के सदस्यों के जन्मदिन पर भी खर्च करते हैं।
इसके अलावा, विवाह की वर्षगाँठ पर भी उत्सव मनाया जाता है।
लेकिन 15 अगस्त हमारे देश का जन्मदिन है। इसलिए इस दिन राष्ट्र के नाम एक छोटा-सा सत्कर्म अवश्य करना चाहिए।
इसी भावना के साथ कृष्णा गुरुजी कृष्ण कांत मिश्रा पिछले पाँच वर्षों से “Do for Nation = Donation” अभियान चला रहे हैं।
साथ ही, 15 August Do for Nation Donation भी इसी का हिस्सा है।
कृष्णा गुरुजी का पूरा वीडियो संदेश देखें
इस विशेष वीडियो में कृष्णा गुरुजी ने अभियान का उद्देश्य समझाया है।
साथ ही उन्होंने सूर्य, शनि और राहु से इसका आध्यात्मिक संबंध भी बताया है।
वीडियो सीधे YouTube पर देखें:
सूर्य, शनि और राहु को एक साथ करें अनुकूल | Krishna Guruji
Donation शब्द में छिपा है Do for Nation
“Donation” शब्द स्वयं हमें एक सुंदर संदेश देता है। इसमें Do for Nation का भाव छिपा है।
इसका अर्थ है—राष्ट्र के लिए कुछ कीजिए।
राष्ट्रसेवा के लिए हमेशा बड़ी राशि की आवश्यकता नहीं होती। आप ₹101, ₹200 या ₹400 दे सकते हैं।
इसके अलावा, अपनी सामर्थ्य के अनुसार कोई अन्य राशि भी दी जा सकती है।
हालाँकि, राशि से अधिक महत्वपूर्ण उसके पीछे का भाव है। इसलिए योगदान स्वैच्छिक और निष्काम होना चाहिए।
“देशप्रेम को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने व्यवहार में भी उतारें।” —कृष्णा गुरुजी
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में करें योगदान
15 अगस्त को अपनी सामर्थ्य के अनुसार Prime Minister’s National Relief Fund—PMNRF में योगदान किया जा सकता है।
यह कोष प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता करता है। इसके अलावा, बड़ी दुर्घटनाओं के पीड़ितों को भी सहायता दी जाती है।
जरूरतमंद लोगों के चिकित्सा उपचार में भी इस कोष से मदद की जाती है।
इसलिए दान करते समय केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट का उपयोग करें।
PMNRF का आधिकारिक ऑनलाइन दान लिंक:
https://pmnrf.gov.in/en/online-donation
महत्वपूर्ण सावधानी: किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR Code या payment link का उपयोग न करें। सबसे पहले वेबसाइट का पता ध्यान से जाँचें।
सूर्य, राहु और शनि का आध्यात्मिक संबंध
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य सरकार, शासन और नेतृत्व के कारक हैं। साथ ही सूर्य आत्मबल, प्रतिष्ठा और अधिकार का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।
दूसरी ओर, राहु आधुनिक तकनीक, इंटरनेट और ऑनलाइन माध्यम से जुड़े माने जाते हैं। आज डिजिटल भुगतान भी इसी आधुनिक व्यवस्था का हिस्सा है।
वहीं, शनि जनसाधारण, श्रमिक, पीड़ित और जरूरतमंद लोगों के कारक माने जाते हैं।
इस प्रकार सरकारी राहत कोष में ऑनलाइन योगदान करना प्रतीकात्मक रूप से तीन क्षेत्रों से जुड़ता है:
- सूर्य: सरकार, शासन और राष्ट्र की व्यवस्था
- राहु: इंटरनेट, तकनीक और ऑनलाइन भुगतान
- शनि: जनसाधारण, श्रमिक, पीड़ित और जरूरतमंद लोग
इसलिए यह सत्कर्म सूर्य, राहु और शनि से जुड़े क्षेत्रों की सेवा माना जा सकता है। फिर भी इसका मूल उद्देश्य राष्ट्रसेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता है।
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क्या योगदान जन्मसमय पर करना चाहिए?
कृष्णा गुरुजी का सुझाव है कि यदि संभव हो, तो व्यक्ति अपने जन्मसमय के आसपास यह सत्कर्म करे।
सबसे पहले अपनी जन्मतिथि याद करें। इसके बाद अपना जन्मसमय और जन्मस्थान स्मरण करें। फिर उस भारतीय भूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें, जहाँ आपने जन्म लिया।
यदि आपका जन्मसमय रात का है, तो सुबह उठने के बाद योगदान कर सकते हैं। वास्तव में, समय से अधिक महत्वपूर्ण आपका संकल्प और सेवा-भाव है।
तिरंगे का ध्यान करें और संकल्प लें
कुछ क्षण के लिए अपनी आँखें बंद करें। इसके बाद मन में भारत के तिरंगे को लहराते हुए देखें।
अब अपनी जन्मतिथि, जन्मसमय और जन्मस्थान को याद करें। फिर उस स्थान का स्मरण करें, जहाँ आपने जन्म लिया था।
इसके बाद स्वयं से यह संकल्प लें:
“मैं Do for Nation = Donation का संदेश अपने परिवार, मित्रों और परिचितों तक पहुँचाऊँगा। साथ ही दूसरों को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करूँगा।”
बहुत से लोग राष्ट्र के लिए सहयोग करना चाहते हैं। हालाँकि, उन्हें सही माध्यम की जानकारी नहीं होती। इसलिए सही जानकारी दूसरों तक पहुँचाना भी एक प्रकार की सेवा है।
Webdunia ने प्रकाशित किया कृष्णा गुरुजी का विशेष संदेश
14 अगस्त 2026 को प्रमुख समाचार पोर्टल Webdunia ने कृष्णा गुरुजी की इस विशेष अपील को प्रकाशित किया।
खबर में 15 अगस्त को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में योगदान करने का संदेश दिया गया है। इसके अलावा, सूर्य, शनि और राहु से जुड़े ज्योतिषीय तथा आध्यात्मिक भाव को भी समझाया गया है।
Webdunia की यह खबर “Do for Nation = Donation” अभियान के वर्तमान संदेश पर सीधे आधारित है।
Webdunia पर प्रकाशित पूरी खबर पढ़ें: 15 अगस्त पर PMNRF में दान करने की कृष्णा गुरुजी की अपील
अमर उजाला ने प्रवासी भारतीयों की सहभागिता को किया प्रकाशित
इससे पहले 27 जनवरी 2023 को अमर उजाला ने भी “Do for Nation = Donation” अभियान की खबर प्रकाशित की थी।
समाचार में बताया गया कि भारत के साथ विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इस अभियान से जुड़े। अमेरिका, कनाडा, दुबई, स्वीडन, नेपाल, मलेशिया, सिंगापुर और हांगकांग में रहने वाले भारतीयों ने भी स्वैच्छिक योगदान किया।
इस प्रकार यह अभियान भारत की सीमाओं से बाहर भी पहुँचा। प्रवासी भारतीयों ने राष्ट्र के प्रति अपना प्रेम व्यवहार में व्यक्त किया।
अमर उजाला पर प्रकाशित “Do for Nation = Donation” अभियान की खबर पढ़ें
राष्ट्रप्रेम को अपने व्यवहार में उतारें
राष्ट्रभक्ति केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। निस्संदेह, तिरंगे और राष्ट्रगान का विशेष महत्व है।
फिर भी राष्ट्रप्रेम हमारे व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए। किसी जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना राष्ट्रसेवा है।
देश की सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना भी राष्ट्रसेवा है।
इसी प्रकार अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना भी देश की सेवा है।
PMNRF में किया गया छोटा-सा स्वैच्छिक योगदान राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम बन सकता है।
योगदान की रसीद साझा करते समय सावधानी रखें
योगदान करने के बाद आप दूसरों को प्रेरित करने के लिए इसकी जानकारी साझा कर सकते हैं। हालाँकि, अपनी निजी जानकारी अवश्य छिपाएँ।
PAN, फोन नंबर, ईमेल, पता और transaction number सार्वजनिक न करें।
इसके अलावा, योगदान की राशि दिखाना भी आवश्यक नहीं है।
सेवा का उद्देश्य प्रेरणा देना होना चाहिए। इसलिए किसी अन्य व्यक्ति पर दान करने या रसीद साझा करने का दबाव न डालें।
आधुनिकता के साथ संस्कार भी आवश्यक हैं
भारत की पहचान केवल इसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं है। भारत की आत्मा इसकी संस्कृति, करुणा और पारिवारिक मूल्यों में बसती है।
बड़ों का सम्मान और छोटों के प्रति प्रेम हमारे संस्कारों का हिस्सा है। इसके अलावा, पीड़ितों की सहायता करना भी भारतीय संस्कृति का मूल भाव है।
आज हमें आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी सुरक्षित रखना चाहिए।
वसुधैव कुटुम्बकम् और राष्ट्रसेवा
“वसुधैव कुटुम्बकम्” हमें पूरे विश्व को एक परिवार मानने की प्रेरणा देता है। इसी भावना के साथ कृष्णा गुरुजी प्रत्येक वर्ष Global Healing Day आयोजित करते हैं।
इस आयोजन में विभिन्न धर्मों के लोग एक मंच पर आते हैं। वे पूजा, प्रार्थना, दुआ और अरदास के माध्यम से मानवता तथा विश्व शांति की कामना करते हैं।
Global Healing Day और विश्व शांति अभियान के बारे में पढ़ें
कृष्णा गुरुजी की निःशुल्क healing services और सामाजिक कार्यों की जानकारी के लिए वेबसाइट का मुख्य पृष्ठ देखें:
Krishna Guruji की Healing Services और सामाजिक कार्यों के बारे में जानें
15 अगस्त और 26 जनवरी का संकल्प
राष्ट्रीय पर्व हमें अपने देश के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देते हैं। इसलिए 15 अगस्त और 26 जनवरी को यह छोटा-सा संकल्प दोहराया जा सकता है।
- मैं राष्ट्रप्रेम को अपने व्यवहार में उतारूँगा।
- मैं अपनी सामर्थ्य के अनुसार राष्ट्र के नाम योगदान करूँगा।
- मैं “Do for Nation = Donation” का संदेश दूसरों तक पहुँचाऊँगा।
- मैं योगदान के लिए केवल आधिकारिक सरकारी लिंक का उपयोग करूँगा।
- मैं किसी अन्य व्यक्ति पर दान करने का दबाव नहीं डालूँगा।
Do for Nation = Donation
राष्ट्र के लिए कुछ कीजिए।
खुश रहें, सुखी रहें और समृद्ध रहें।
जय हिंद! 🇮🇳
—कृष्णा गुरुजी कृष्ण कांत मिश्रा
अस्वीकरण: ग्रहों से संबंधित विवरण आध्यात्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। यह किसी निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं देता। इसलिए योगदान पूरी तरह स्वैच्छिक है। दान करने से पहले PMNRF की आधिकारिक वेबसाइट और सभी विवरण स्वयं जाँचें।

