आध्यात्मिक चिंतक कृष्णकांत मिश्रा ‘कृष्णा गुरुजी’ इस सभा का मार्गदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम 10 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे भारतीय समय पर शुरू होगा।
इस अवसर पर अपने पितरों को याद किया जाएगा। साथ ही उन ज्ञात-अज्ञात लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिनकी मृत्यु असमय हुई।
उनके परिवारों के लिए भी शांति और संबल की प्रार्थना होगी।
सर्वपितृ अमावस्या 2026 पर जुड़ेंगे सात तीर्थ
गयाजी, हरिद्वार, ऋषिकेश, चाणोद, त्र्यंबकेश्वर, पुष्कर और उज्जैन के सिद्धवट से पंडितजन जुड़ेंगे।
पहले वे तीर्थों के दर्शन कराएंगे। इसके बाद सभी को तर्पण की विधि बताएंगे।
कई लोग पितृ तीर्थों तक नहीं पहुँच पाते। इसलिए वे इस सभा में अपने घर से भाग ले सकते हैं।
इसके अलावा विदेश में रहने वाले लोग भी ऑनलाइन दर्शन और प्रार्थना कर सकेंगे।
असमय दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि
इस वर्ष इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पेयजल त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया जाएगा।
साथ ही वृंदावन की नाव दुर्घटना के दिवंगत श्रद्धालुओं का स्मरण होगा। पुणे के केतन अग्रवाल को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी।
इसके अलावा अन्य ज्ञात-अज्ञात दिवंगतों के लिए भी प्रार्थना होगी। इस तरह सभा में अपने परिवार के साथ पूरे मानव परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की जाएगी।
ग्यारह वर्षों से जारी सेवा
कृष्णा गुरुजी के अनुसार, वे विगत ग्यारह वर्षों से सर्वपितृ अमावस्या पर तर्पण और प्रार्थना करते आ रहे हैं।
उनके कार्य का आधार है “वसुधैव कुटुम्बकम्—विश्व एक परिवार है।” इसलिए इस पहल में उन लोगों का भी स्मरण होता है, जिनसे हमारा निजी परिचय नहीं था।
इस सेवा की पृष्ठभूमि जानने के लिए पढ़ें:
152 लावारिस अस्थियों का विसर्जन और पूर्व मीडिया कवरेज।
इस लेख में सिद्धवट पर की गई सेवा का विवरण है। साथ ही संबंधित मीडिया रिपोर्टें भी जुड़ी हैं।
MP Tak की पूर्व मीडिया रिपोर्ट
इस वीडियो में कृष्णा गुरुजी की पूर्व सेवा से जुड़ी रिपोर्ट देखें। यह पुराने आयोजन का संदर्भ है। इसे 10 अक्टूबर 2026 की सभा की कवरेज न समझें।
इसके अलावा वीडियो सीधे खोलने के लिए
MP Tak की रिपोर्ट YouTube पर देखें।
देश-विदेश से जुड़ सकेंगे लोग
भारत के साथ अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और मलेशिया से भी श्रद्धालु जुड़ेंगे।
इस प्रकार सभी एक साथ तीर्थ दर्शन और पितृ स्मरण कर सकेंगे। साथ ही दिवंगतों के परिवारों के लिए प्रार्थना करेंगे।
ऑनलाइन तर्पण में कैसे जुड़ें?
- दिनांक: शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
- समय: सुबह 10:30 बजे, भारतीय समय
- माध्यम: Zoom
- Meeting ID: 9826070286
- सहभागिता: पूर्णतः निःशुल्क
किसी भी प्रकार का दान या डोनेशन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जुड़ने के लिए
Zoom मीटिंग का लिंक खोलें।
इसके बाद स्क्रीन पर दिए निर्देशों का पालन करें। अथवा Zoom ऐप में Join दबाकर मीटिंग आईडी डालें।
तर्पण की सामग्री
जल से भरा एक पात्र, एक खाली पात्र, थोड़ा दूध, काले तिल और कुशा लेकर बैठें। इसके बाद पंडितजन के मार्गदर्शन में तर्पण करें।
पितृ तर्पण का अर्थ समझें
तर्पण के भाव को जानने के लिए पढ़ें:
पितृ तर्पण क्या है? जल अर्पण का अर्थ और कृतज्ञता।
इसके अलावा
पितृ पक्ष का महत्व
और
कृष्णा गुरुजी की सामाजिक सेवा
के बारे में भी जानें।
सभी सादर आमंत्रित हैं। आइए, पितरों को याद करें। साथ ही असमय दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दें।
कृष्णकांत मिश्रा ‘कृष्णा गुरुजी’
आध्यात्मिक चिंतक
krishnaguruji.com

