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कृष्णा गुरुजी के साथ यजुर्वेद के उपनिषद पर प्रवचन – क्या मृत्यु अंत है या एक नई शुरुआत? कठोपनिषद में नचिकेता के प्रश्न का आधुनिक दृष्टिकोण से विश्लेषण।

**क्या मृत्यु अंत है या एक नई शुरुआत? यजुर्वेद के उपनिषद और आधुनिक विज्ञान का चिंतन**

यजुर्वेद के उपनिषदों पर आधारित यह लेख मृत्यु, आत्मा, चेतना और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित करते हुए जीवन को संतुलित और सार्थक बनाने का संदेश देता है।

ऋग्वेद के उपनिषद ऐतरेय और कौषीतकि उपनिषद कृष्णा गुरुजी

ऋग्वेद के उपनिषद: ऐतरेय और कौषीतकि उपनिषद का सरल परिचय

ऋग्वेद के उपनिषद मनुष्य को अपने भीतर झाँकने की प्रेरणा देते हैं। वेदों में मंत्र, प्रार्थना और जीवन का मार्ग मिलता है। वहीं, उपनिषद जीवन

अथर्ववेद का सार – निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि, योग और प्रकृति का वैदिक संदेश | कृष्णा गुरुजी

अथर्ववेद का सार: निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि और प्रकृति से जुड़ने का वैदिक संदेश

अथर्ववेद का सार जानें। निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि, योग, प्राणायाम, ध्यान, प्रकृति संरक्षण और संतुलित जीवन का वैदिक संदेश कृष्णा गुरुजी की सरल एवं तर्कपूर्ण व्याख्या के साथ।

सामवेद का सार – ऋग्वेद के मंत्रों को सुर, लय और सामगान देने वाला वेद | कृष्णा गुरुजी

सामवेद का सार: ऋग्वेद के मंत्रों को सुर, लय और सामगान देने वाला वेद | कृष्णा गुरुजी

सामवेद का सार: ऋग्वेद के मंत्रों को सुर, लय और सामगान देने वाला वेद सामवेद का सार समझने के लिए पहले ऋग्वेद और यजुर्वेद के

यजुर्वेद हमें सिखाता है कि यज्ञ केवल अग्नि में आहुति नहीं, बल्कि प्रकृति, समाज और मानवता के प्रति समर्पण का दिव्य मार्ग है। – कृष्णा गुरुजी

**यजुर्वेद का सार: यज्ञ, हवन, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण का वैदिक संदेश**

ऋग्वेद हमें प्रकृति और पंचमहाभूतों के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है। वहीं, यजुर्वेद का सार हमें समझाता है कि उस कृतज्ञता को कर्म, यज्ञ,

बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी | कृष्णा गुरुजी

बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी, अब हमें संभलना होगा

बाबा अमरनाथ का समय से पहले पिघलना: प्रकृति की गंभीर चेतावनी, अब हमें संभलना होगा बाबा अमरनाथ के प्राकृतिक हिमलिंग का समय से पहले पिघलना

कृष्णा गुरुजी ने घर की पुताई का कार्य पूरा करने वाले श्रमिक अनिल जी और दिलीप जी का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया। यह चित्र श्रम के सम्मान, कृतज्ञता और मानवता का संदेश देता है।

श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी बदल सकते हैं किसी का जीवन

श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी दें श्रम का सम्मान केवल सामाजिक व्यवहार नहीं है। यह मानवता, कृतज्ञता और संस्कार

राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाने का संदेश देते हुए कृष्णा गुरुजी का फीचर इमेज, पृष्ठभूमि में अयोध्या राम मंदिर और दानपात्र का चित्र।

राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी का संदेश

राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी लेखक: कृष्णकांत मिश्रा ‘कृष्णा गुरुजी’ अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक एवं मार्गदर्शक राम मंदिर दान

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