Upanishads of the Rigveda: Aitareya and Kaushitaki | Krishna Guruji

Explore the Upanishads of the Rigveda—Aitareya and Kaushitaki—and understand their teachings on consciousness, creation, Prana and self-knowledge with Krishna Guruji.
कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? परंपरा नहीं, जिम्मेदारी का महापर्व | कृष्णा गुरुजी

कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? जिम्मेदारी और सेवा का संदेश कलियुग में चातुर्मास का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या यह केवल व्रत और उपवास का समय है? या यह जिम्मेदारी, सेवा और आत्मचिंतन का पर्व भी है? सनातन परंपरा में चातुर्मास का विशेष महत्व है। However, समय के साथ जीवन की परिस्थितियां बदल गई […]
अथर्ववेद के उपनिषद: मुण्डक से ब्रह्मज्ञान और माण्डूक्य से जानें ॐ व चेतना की चार अवस्थाएँ

कृष्णा गुरुजी से जानें अथर्ववेद के उपनिषद, ॐ का रहस्य, मन की चार अवस्थाएँ, जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति, तुरीय तथा सरल ॐ ध्यान और चैंटिंग का महत्व।
सामवेद के उपनिषद: मन को शक्ति कौन देता है? ‘तत्त्वमसि’ का वास्तविक अर्थ

सामवेद के उपनिषद के माध्यम से जानिए मन, चेतना, ब्रह्म और “तत्त्वमसि” का सरल रहस्य। केन उपनिषद और छांदोग्य उपनिषद की शिक्षाओं को आसान भाषा में समझें।
**क्या मृत्यु अंत है या एक नई शुरुआत? यजुर्वेद के उपनिषद और आधुनिक विज्ञान का चिंतन**

यजुर्वेद के उपनिषदों पर आधारित यह लेख मृत्यु, आत्मा, चेतना और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित करते हुए जीवन को संतुलित और सार्थक बनाने का संदेश देता है।
ऋग्वेद के उपनिषद: ऐतरेय और कौषीतकि उपनिषद का सरल परिचय

ऋग्वेद के उपनिषद मनुष्य को अपने भीतर झाँकने की प्रेरणा देते हैं। वेदों में मंत्र, प्रार्थना और जीवन का मार्ग मिलता है। वहीं, उपनिषद जीवन से जुड़े गहरे प्रश्नों पर चिंतन कराते हैं। आज हम ऋग्वेद से जुड़े दो प्रमुख उपनिषदों को समझेंगे। ऐतरेय उपनिषद कौषीतकि या शांखायन उपनिषद उपनिषद क्या हैं? उपनिषद भारतीय आध्यात्मिक […]
अथर्ववेद का सार: निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि और प्रकृति से जुड़ने का वैदिक संदेश

अथर्ववेद का सार जानें। निरोगी जीवन, दीर्घायु, औषधि, योग, प्राणायाम, ध्यान, प्रकृति संरक्षण और संतुलित जीवन का वैदिक संदेश कृष्णा गुरुजी की सरल एवं तर्कपूर्ण व्याख्या के साथ।
सामवेद का सार: ऋग्वेद के मंत्रों को सुर, लय और सामगान देने वाला वेद | कृष्णा गुरुजी

सामवेद का सार: ऋग्वेद के मंत्रों को सुर, लय और सामगान देने वाला वेद सामवेद का सार समझने के लिए पहले ऋग्वेद और यजुर्वेद के संबंध को जानना आवश्यक है। चारों वेद भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण आधार हैं। हालांकि, प्रत्येक वेद की अपनी अलग भूमिका है। सबसे पहले हमने ऋग्वेद का सार जाना। ऋग्वेद […]
Rigveda Summary: The Ancient Treasure of Human Wisdom | Krishna Guruji

Rigveda: The Ancient Knowledge of Human Civilization and Its Modern Message Author: Krishna Kant Mishra “Krishna Guruji” This article provides a brief Rigveda Summary for readers interested in understanding its essence. The Rigveda is not only a religious scripture, but also a priceless treasure of ancient human knowledge, thought, and spiritual wisdom. Even today, its […]
ऋग्वेद का सार: मानव सभ्यता का प्राचीनतम ज्ञान और आधुनिक संदेश

ऋग्वेद: मानव सभ्यता की प्राचीनतम ज्ञानधारा और उसका आधुनिक संदेश लेखक: कृष्णकांत मिश्रा ‘कृष्णा गुरुजी’ ऋग्वेद केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है। वास्तव में, यह मानव सभ्यता के सबसे प्राचीन ज्ञान, चिंतन और आध्यात्मिक दर्शन का अमूल्य खजाना है। आज भी इसके मंत्र हमें प्रकृति, समाज और मानवता के प्रति संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा […]