पितृपक्ष 2026: कलयुग में पितरों को कैसे करें प्रसन्न? | Krishna Guruji

पितृपक्ष 2026 में कलयुग में पितरों को प्रसन्न करने के उपाय बताते कृष्णा गुरुजी

पितृपक्ष 2026 केवल कर्मकांड का समय नहीं, बल्कि पितरों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सेवा का अवसर है। कृष्णा गुरुजी कलयुग पुराण की दृष्टि से बताते हैं कि आज के व्यस्त जीवन में सरल तरीकों से भी पूर्वजों का सम्मान किया जा सकता है।

क्या आपका भी श्राद्ध हो रहा है? पितृपक्ष और पितृ ध्यान | Krishna Guruji

पितृपक्ष ,श्राद्धऔर पितृ ध्यान पर ब्लॉग की फीचर इमेज; ब्राह्मण भोजन करते हुए, जलता दीपक, पूर्वजों का प्रतीकात्मक चित्र और मुस्कुराते Krishna Guruji

क्या आपका भी श्राद्ध हो रहा है? पितृपक्ष पर Krishna Guruji का विचारोत्तेजक प्रश्न पढ़ें। जानें, उन्होंने अपनी माता की स्मृति को वृद्धाश्रम में सेवा से कैसे जोड़ा और पितृ ध्यान में आशीर्वाद देने का भाव क्यों रखा।

पितृ पक्ष का महत्व: कृतज्ञता का पर्व | कलियुग पुराण | Krishna Guruji

पितृ पक्ष का महत्व और कृतज्ञता का संदेश, नमस्कार मुद्रा में मुस्कुराते कृष्णा गुरुजी, पृष्ठभूमि में नदी और दीपक।

पितृ पक्ष पूर्वजों के प्रेम और योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। कृष्णा गुरुजी ‘कलियुग पुराण’ की दृष्टि से श्रावण, गणेश उत्सव और पितृ पक्ष का जीवन से संबंध समझाते हैं। पढ़ें श्रद्धा, तर्पण, सेवा और अज्ञात भय से मुक्ति का संदेश।

क्या श्राद्ध के भोजन में खीर-पूड़ी अनिवार्य है? | कलियुग पुराण की दृष्टि से Krishna Guruji

श्राद्ध में खीर-पूड़ी की अनिवार्यता पर सवाल उठाते Krishna Guruji; साथ में खीर, पूड़ी और भोजन की थाली

क्या श्राद्ध के भोजन में खीर-पूड़ी अनिवार्य है? Krishna Guruji की कलियुग पुराण दृष्टि से जानें, पितृपक्ष में भोजन पाने वाले की ज़रूरत और सेवा का भाव क्यों महत्वपूर्ण है

गणेश जी का वाहन मूषक क्यों? जानें कलियुग पुराण की दृष्टि से | कृष्णा गुरुजी

गणेश जी का वाहन मूषक क्यों—गणेश प्रतिमा और मूषक के साथ नमस्कार मुद्रा में मुस्कुराते कृष्णा गुरुजी।

विशाल गणेश जी के साथ छोटा-सा मूषक क्यों दिखाई देता है? भारती मंडलोई जी के प्रश्न पर पढ़ें कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी का चिंतन। पूरा उत्तर वीडियो में भी देखें।

गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं? | कलियुग पुराण में विनम्रता का संदेश

गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं—गणेश प्रतिमा, हरी दूर्वा और नमस्कार मुद्रा में कृष्णा गुरुजी।

गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं? कृष्णा गुरुजी कलियुग पुराण की अपनी दृष्टि से दूर्वा को विनम्रता, धैर्य और सेवा से जोड़ते हैं। पढ़ें जीवनोपयोगी संदेश और देखें पूरा वीडियो।

विघ्नहर्ता अवॉर्ड 2026: नंदकिशोर व्यास को “अंधन को आँख देत” सम्मान | Krishna Guruji

कृष्णा गुरुजी ने नंदकिशोर व्यास को नेत्रदान सेवाओं के लिए विघ्नहर्ता अवॉर्ड 2026 प्रदान किया।

गणेश आरती के मानवीकरण की मुहिम में कृष्णा गुरुजी ने महर्षि दधीचि देहदान अंगदान समिति के संस्थापक श्री नंदकिशोर व्यास को नेत्रदान सेवाओं के लिए “अंधन को आँख देत” विघ्नहर्ता अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया। यह पहल भक्ति को मानव सेवा से जोड़ने का संदेश देती है।

गणेश जी को मंगलमूर्ति क्यों कहते हैं? | गणेश चतुर्थी 2026 | Kaliyug Puran | Krishna Guruji

गणेश जी को मंगलमूर्ति क्यों कहते हैं गणेश चतुर्थी 2026 Kaliyug Puran Krishna Guruji

गणेश जी को मंगलमूर्ति क्यों कहते हैं। Kaliyug Puran में Krishna Guruji समझाते हैं कि गणेश स्वरूप हमारी इंद्रियों और मानव सेवा का संदेश देता है।

गणेश आरती में “बाँझन को पुत्र देत” नहीं, “बाँझन को गर्भ देत” गाएँ | गणेश चतुर्थी 2026

गणेश आरती बाँझन को गर्भ देत – Kaliyug Puran में Krishna Guruji का गणेश चतुर्थी 2026 संदेश

गणेश आरती में “बाँझन को पुत्र देत” की जगह “बाँझन को गर्भ देत” क्यों गाएँ? Kaliyug Puran में Krishna Guruji ने इस भाव को पुत्र-पुत्री की समानता से जोड़ा है। गणेश उत्सव 2026 पर सभी गणेश प्रेमियों से एक आत्मीय निवेदन—प्रार्थना संतान की हो, उसके लिंग की नहीं।

Register Now

Lorem Ipsum dolar