रावण दहन का महत्व: इस विजयादशमी भीतर के दस विकारों का भी दहन करें

रावण दहन का महत्व केवल पुतला जलाने तक सीमित नहीं है। यह अपने भीतर के काम, क्रोध, लोभ और अहंकार जैसे दस विकारों को पहचानने का अवसर है। कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी समझाते हैं कि ज्ञान का सदुपयोग, आत्मचिंतन और ध्यान कैसे विजयादशमी को सार्थक बना सकते हैं।
नवरात्रि का विज्ञान से संबंध: महाकाल गुरुकुल में संवाद | Kaliyug Puran | Krishna Guruji

नवरात्रि का विज्ञान से संबंध और जीवन में उसकी उपयोगिता समझाने के लिए कृष्णा गुरुजी ने उज्जैन के महाकाल गुरुकुल में सौ से अधिक बटुक ब्राह्मणों से संवाद किया। जानिए कलियुग पुराण की दृष्टि से ऋतु परिवर्तन, अनुशासन और आत्मचिंतन का संदेश।
राहुल गांधी का मनुस्मृति पर बयान: प्राचीन ग्रंथ ज्ञान का विषय हैं, न कि राजनीति का हथियार

राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान पर कृष्णा गुरुजी की संतुलित दृष्टि: प्राचीन ग्रंथ, महिला सम्मान, इतिहास और राजनीतिक विमर्श।
भगवान विष्णु जल में क्यों रहते हैं? पद्म पुराण का रहस्य और Kaliyug Puran दृष्टि

भगवान विष्णु जल में क्यों रहते हैं? पद्मनाभ, कमल पर ब्रह्माजी और शेषनाग के रहस्य को पद्म पुराण तथा कृष्णा गुरुजी की Kaliyug Puran दृष्टि से समझिए।
सृष्टि की उत्पत्ति कैसे हुई? भविष्य पुराण का रहस्य और Krishna Guruji की Kaliyug Puran दृष्टि

सृष्टि की उत्पत्ति कैसे हुई? भविष्य पुराण में वर्णित हिरण्यगर्भ, पंचतत्त्व और Cosmic Creation के रहस्य को Krishna Guruji की Kaliyug Puran दृष्टि से समझिए।
नाग पंचमी 2026: जिस नाग से हम डरते हैं, उसी की पूजा क्यों करते हैं? — कृष्णा गुरुजी की कलियुग पुराण दृष्टि

जिस नाग की हम नाग पंचमी पर पूजा करते हैं, उसी से सामान्य दिनों में डरते क्यों हैं? नाग पंचमी 2026 पर कृष्णा गुरुजी की कलियुग पुराण दृष्टि से जानिए नाग पूजा, सजगता, शिव तत्व और प्रकृति संरक्षण का संदेश।
कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? परंपरा नहीं, जिम्मेदारी का महापर्व | कृष्णा गुरुजी

कलियुग में चातुर्मास कितना प्रासंगिक? जिम्मेदारी और सेवा का संदेश कलियुग में चातुर्मास का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या यह केवल व्रत और उपवास का समय है? या यह जिम्मेदारी, सेवा और आत्मचिंतन का पर्व भी है? सनातन परंपरा में चातुर्मास का विशेष महत्व है। However, समय के साथ जीवन की परिस्थितियां बदल गई […]
सामवेद के उपनिषद: मन को शक्ति कौन देता है? ‘तत्त्वमसि’ का वास्तविक अर्थ

सामवेद के उपनिषद के माध्यम से जानिए मन, चेतना, ब्रह्म और “तत्त्वमसि” का सरल रहस्य। केन उपनिषद और छांदोग्य उपनिषद की शिक्षाओं को आसान भाषा में समझें।
**यजुर्वेद का सार: यज्ञ, हवन, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण का वैदिक संदेश**

ऋग्वेद हमें प्रकृति और पंचमहाभूतों के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है। वहीं, यजुर्वेद का सार हमें समझाता है कि उस कृतज्ञता को कर्म, यज्ञ, आहुति और समर्पण में कैसे बदला जाए।यजुर्वेद केवल हवन की विधियों का ग्रंथ नहीं है। यह श्रेष्ठ कर्म, सामाजिक सहभागिता, त्याग, अनुशासन और लोककल्याण का ज्ञान भी देता है। आज […]
राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी का संदेश

राम मंदिर दान चोरी को राजनीतिक हथियार न बनाएं : कृष्णा गुरुजी लेखक: कृष्णकांत मिश्रा ‘कृष्णा गुरुजी’ अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक एवं मार्गदर्शक राम मंदिर दान चोरी की घटना से हर राम भक्त आहत है। यह केवल धन की चोरी नहीं है। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। प्रभु श्रीराम के चरणों में […]