अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस यात्रा: व्हीलचेयर से विश्व रिकॉर्ड तक, कृष्णा गुरुजी ने योग को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया

व्हीलचेयर से विश्व रिकॉर्ड तक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस यात्रा के दौरान कृष्णा गुरुजी
2015 के योग ऑन व्हील अभियान से लेकर 2026 में भैरोगढ़ जेल तक, कृष्णा गुरुजी की अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस यात्रा योग को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की प्रेरक कहानी है।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस यात्रा: व्हीलचेयर से विश्व रिकॉर्ड तक, कृष्णा गुरुजी ने योग को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया

11 वर्षों से हर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उपेक्षित वर्गों को बना रहे योग का हिस्सा, इस बार उज्जैन की भैरोगढ़ जेल में बंदी भाइयों संग होगा आयोजन

उज्जैन। जब अधिकांश लोग अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को केवल एक दिन के आयोजन के रूप में देखते हैं, तब कृष्णा गुरुजी (कृष्णाकांत मिश्रा) ने इसे समाज परिवर्तन के अभियान में बदल दिया। स्वयं 50 प्रतिशत दिव्यांगता के साथ जीवन जी रहे कृष्णा गुरुजी ने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और सामाजिक समावेशिता का साधन बनाया।

21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कृष्णा गुरुजी उज्जैन की भैरोगढ़ जेल में बंदी भाइयों के साथ योग दिवस मनाएंगे। उनका मानना है कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि मन और विचारों को सकारात्मक दिशा देने का भी साधन है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष जेल में योग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, ताकि बंदी भाई भी आत्मपरिवर्तन और नई शुरुआत का संदेश प्राप्त कर सकें।

योग ने बदली स्वयं कृष्णा गुरुजी की जिंदगी

1982 में ब्रेन ट्यूमर ऑपरेशन के बाद हुए पक्षाघात के कारण कृष्णा गुरुजी को जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शरीर का एक हिस्सा प्रभावित होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। योग, प्राणायाम और सकारात्मक सोच ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया।

कृष्णा गुरुजी बताते हैं कि योग ने उनके भीतर आत्मविश्वास जगाया और यही कारण है कि जब 2015 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई तो उन्होंने संकल्प लिया कि योग को उन लोगों तक पहुँचाया जाए, जिन तक सामान्यतः कोई नहीं पहुँचता।

वीडियो में देखें पूरी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस यात्रा

2015 से 2026 तक आयोजित विभिन्न योग दिवस कार्यक्रमों की झलकियाँ इस विशेष यूट्यूब प्लेलिस्ट में देखी जा सकती हैं:

https://youtube.com/playlist?list=PLhhjKzFN1OBfsk0TLWR-WPzj8Xax-ybgf&si=bcN-ierFlmOKkb8B

11 वर्षों की प्रेरणादायक योग यात्रा

2015 – योग ऑन व्हील

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रथम वर्ष में कृष्णा गुरुजी ने देश का पहला “योग ऑन व्हील” अभियान शुरू किया। कार, ट्रेन और कुर्सियों पर बैठकर किए जाने वाले सरल योग अभ्यासों के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि योग केवल स्वस्थ और सक्षम लोगों के लिए नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के लिए है।

2016 – एयरपोर्ट पर सांकेतिक योग

जब विमान में योग प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली, तब उन्होंने एयरपोर्ट पर सांकेतिक योग कर यह संदेश दिया कि योग किसी स्थान या मंच का मोहताज नहीं है। योग एक जीवनशैली है, जिसे कहीं भी अपनाया जा सकता है।

2017 – महाकाल भिक्षुकों के साथ योग

उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र के भिक्षुकों के साथ योग कर उन्होंने योग को मानव मूल्यों से जोड़ा। कार्यक्रम का उद्देश्य यह बताना था कि योग व्यक्ति को आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाता है।

2018 – कैलाश मानसरोवर में विश्व रिकॉर्ड

कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान समुद्र तल से लगभग 11,940 फीट की ऊँचाई पर योग कर उन्होंने यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी से राहत पाने के उपाय बताए। यह आयोजन एक अनूठे विश्व रिकॉर्ड के रूप में भी दर्ज हुआ।

2019 – अमेरिका में योगा विद जॉय क्रूज

अमेरिका में क्रूज पर आयोजित “योगा विद जॉय क्रूज” कार्यक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय योग की महत्ता को नई पहचान दिलाई। समुद्र के बीच आयोजित यह कार्यक्रम योग के वैश्विक स्वरूप का प्रतीक बना।

2020 – ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ योग

कोविड महामारी के दौरान पहली बार ट्रांसजेंडर किन्नर समुदाय के साथ ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य समाज के उस वर्ग को भी योग से जोड़ना था, जो अक्सर मुख्यधारा से अलग माना जाता है।

2021 – 26 घंटे की योग मैराथन

न्यूजीलैंड के गिसबोर्न से नॉर्वे के ओस्लो तक 26 घंटे की ऑनलाइन योग मैराथन आयोजित की गई। इसमें कोरोना वॉरियर्स, दिव्यांगजन और विभिन्न देशों के लोगों ने भाग लिया। यह आयोजन योग के माध्यम से वैश्विक एकता का संदेश देने वाला बना।

2022 – रेलवे कुलियों के साथ योग

नई दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर कुलियों के साथ योग दिवस मनाया गया। उन्हें बताया गया कि योग और प्राणायाम किस प्रकार शारीरिक श्रम से होने वाली थकान और स्वास्थ्य समस्याओं को कम कर सकते हैं।

2023 – वंदे भारत एक्सप्रेस में योग

वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ सीटिंग योग कर प्रत्येक कोच को योग दिवस का हिस्सा बनाया गया। यात्रा करते हुए योग का यह प्रयोग लोगों को काफी पसंद आया।

2024 – फ्रैक्चर के बावजूद योग दिवस

अमेरिका प्रवास के दौरान फ्रैक्चर होने के बावजूद कृष्णा गुरुजी ने ऑनलाइन योग दिवस आयोजित किया। यह उनके योग के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता का उदाहरण बना।

2025 – कुष्ठ रोगियों के साथ योग

पहली बार कुष्ठ रोगियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम से जोड़कर समाज में समावेशिता और मानवता का संदेश दिया गया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि योग किसी भेदभाव को नहीं मानता।

2026 – भैरोगढ़ जेल में बंदी भाइयों के साथ योग

इस वर्ष योग दिवस उज्जैन की भैरोगढ़ जेल में मनाया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदी भाइयों को सकारात्मक सोच, आत्मपरिवर्तन और पुनर्वास की दिशा में प्रेरित करना है।

योग वैक्सीन अभियान

कोविड काल में कृष्णा गुरुजी ने “योग वैक्सीन” अभियान के माध्यम से हजारों लोगों को ऑनलाइन योग और प्राणायाम से जोड़ा। उन्होंने दिव्यांग योग, श्वास चिकित्सा और विभिन्न प्राणायाम तकनीकों के माध्यम से लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।

योग केवल शरीर नहीं, समाज को भी जोड़ता है

कृष्णा गुरुजी का मानना है कि योग का वास्तविक उद्देश्य केवल शरीर को स्वस्थ बनाना नहीं है। योग व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है, परिवार से जोड़ता है और अंततः समाज से जोड़ता है। यही कारण है कि उन्होंने योग दिवस को हर वर्ष किसी नए और उपेक्षित वर्ग के साथ मनाने की परंपरा बनाई।

कृष्णा गुरुजी का संदेश

“योग केवल शरीर को मोड़ने की कला नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम है। मेरा प्रयास रहा है कि योग उन लोगों तक पहुँचे, जिन तक सामान्यतः कोई नहीं पहुँचता।”

निष्कर्ष

व्हीलचेयर से शुरू हुई यह यात्रा आज विश्व रिकॉर्ड, अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और सामाजिक समावेशिता के प्रेरक उदाहरण के रूप में स्थापित हो चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की यह यात्रा बताती है कि जब योग को सेवा और मानवता से जोड़ा जाता है, तब वह केवल एक अभ्यास नहीं रह जाता, बल्कि समाज परिवर्तन का माध्यम बन जाता है।


International Yoga Day – Video Documentation

Explore Krishna Guruji’s complete 12-year International Yoga Day journey (2015–2026), presented as supporting evidence for the Prime Minister’s Award for Outstanding Contribution towards the Development and Promotion of Yoga.

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