इस विशेष सत्र में 150 से अधिक दिव्यांग विद्यार्थी और युवा शामिल हुए। संस्था में ये विद्यार्थी विभिन्न प्रकार के कौशल सीख रहे हैं। इसके माध्यम से वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कृष्णा गुरुजी ने योग को केवल आसन तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने Divyang Yoga को पंचतत्व, प्राणायाम, पर्यावरण, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से जोड़ा।
Divyang Yoga Session Mumbai में मिला विशेष संदेश
कृष्णा गुरुजी ने विद्यार्थियों से कहा कि शरीर की किसी कमी को जीवन की सबसे बड़ी कमजोरी मान लेना सही नहीं है। व्यक्ति के भीतर अनेक ऐसी क्षमताएँ होती हैं, जिन्हें पहचानने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि जब हमारा ध्यान केवल शरीर की कमी पर रहता है, तब हम अपनी दूसरी क्षमताओं को नहीं देख पाते। लेकिन जब हम उस कमी से ऊपर उठकर सोचते हैं, तब हमारे सामने नई संभावनाएँ खुलती हैं।
“अपनी Disability को अभिशाप नहीं, वरदान समझिए। शरीर की कमी से ऊपर उठकर अपनी विशेष क्षमता पहचानेंगे, तो आपकी Disability, Ability में बदल सकती है।”
कृष्णा गुरुजी ने अपने जीवन के अनुभव का उदाहरण भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने समझाया कि शारीरिक सीमा को अपनी पूरी पहचान नहीं बनने देना चाहिए।
आत्मविश्वास, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ व्यक्ति अपने लिए और समाज के लिए बहुत कुछ कर सकता है।
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पंचतत्व से कैसे जुड़ा Divyang Yoga?
Divyang Yoga Session Mumbai के दौरान कृष्णा गुरुजी ने योग को प्रकृति के पाँच तत्वों से जोड़ा।
उन्होंने बताया कि हमारा शरीर पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से जुड़ा हुआ है।
इसलिए शरीर की देखभाल के साथ प्रकृति की देखभाल करना भी हमारा दायित्व है।
कृष्णा गुरुजी ने वायु तत्व को श्वास और प्राणायाम से जोड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों को सरल तरीके से बताया कि
हमारी प्रत्येक श्वास प्रकृति से हमारे संबंध की याद दिलाती है।
इसी प्रकार पृथ्वी तत्व को उन्होंने पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने शरीर को नहलाते हैं और स्वच्छ रखते हैं, उसी प्रकार
प्रकृति को स्वच्छ रखना भी जरूरी है। पर्यावरण की रक्षा करना पंचतत्वों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
शरीर पाँच तत्वों से बना है
कृष्णा गुरुजी ने विद्यार्थियों को एक सरल उदाहरण के माध्यम से पंचतत्व का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अलग-अलग वस्तुओं और सामग्री से कोई उपयोगी चीज बनाई जाती है,
उसी प्रकार मानव शरीर भी प्रकृति के विभिन्न तत्वों से बना है।
इसलिए योग का अर्थ केवल शरीर को मोड़ना या कुछ आसन करना नहीं है। योग हमें अपने शरीर
, श्वास, मन और प्रकृति के बीच संबंध को समझने में भी सहायता करता है।
यही सोच Divyang Yoga को केवल शारीरिक अभ्यास से आगे लेकर जाती है।
Disability को Ability में कैसे बदलें?
इस विशेष सत्र का सबसे महत्वपूर्ण विषय था Disability to Ability।
कृष्णा गुरुजी ने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति को सबसे पहले अपनी सोच में बदलाव लाना चाहिए।
शरीर की जो क्षमता उपलब्ध है, उसे विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हर व्यक्ति अपने साथ कोई न कोई विशेष गुण लेकर आता है। इसलिए जो नहीं है,
उस पर जीवनभर दुखी रहने के बजाय जो है, उसे विकसित करना अधिक महत्वपूर्ण है।
“आप दिव्यांग हैं, लेकिन आपके भीतर कोई विशेष वरदान भी है। अपनी कमी से ऊपर उठकर उस वरदान को खोजिए।”
उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि वे भी केवल अपनी शारीरिक परेशानी पर ध्यान देते रहते,
तो शायद समाज के लिए कार्य करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ पाते।
उनका संदेश था कि परिस्थितियाँ कठिन हो सकती हैं। फिर भी व्यक्ति अपनी क्षमता, आत्मविश्वास और संकल्प के माध्यम से नई राह बना सकता है।
देखें Krishna Guruji का Divyang Yoga Session
मुंबई में आयोजित विशेष Divyang Yoga Session और कृष्णा गुरुजी के प्रेरक संदेश को इस वीडियो में देखा जा सकता है।
▶ YouTube पर पूरा Divyang Yoga Session देखें
योग सेशन के बाद देखा दिव्यांग साथियों का हुनर
Divyang Yoga Session समाप्त होने के बाद कृष्णा गुरुजी ने संस्था के विभिन्न विभागों का भी भ्रमण किया।
संस्था की टीम उन्हें उन स्थानों पर लेकर गई, जहाँ दिव्यांग विद्यार्थी और युवा अलग-अलग प्रकार के कार्य सीख रहे हैं और कर रहे हैं।
कृष्णा गुरुजी ने उनके द्वारा किए जा रहे हैंडलूम, प्रिंटिंग और अन्य skill-based activities को करीब से देखा।
उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। साथ ही उनके कौशल, मेहनत और आत्मनिर्भर बनने की भावना को सराहा।
कृष्णा गुरुजी ने कहा कि किसी दिव्यांग व्यक्ति को केवल सहायता प्राप्त करने वाले व्यक्ति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उसे अपनी प्रतिभा दिखाने के समान अवसर भी मिलने चाहिए।
Skill Development से बढ़ता है आत्मविश्वास
कृष्णा गुरुजी के अनुसार Disability to Ability केवल एक प्रेरक नारा नहीं है। इसे शिक्षा,
प्रशिक्षण और skill development से जोड़ना भी जरूरी है।
जब कोई व्यक्ति अपने हाथों से कोई उपयोगी वस्तु तैयार करता है, प्रिंटिंग करता है या कोई नया कौशल सीखता है,
तब उसमें आत्मविश्वास बढ़ता है।
यही आत्मविश्वास आगे चलकर आत्मनिर्भरता की नींव बन सकता है।
कृष्णा गुरुजी ने दिव्यांग विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Fellowship of the PhysicallyHandicapped की पहल की प्रशंसा
मुंबई स्थित Fellowship of the Physically Handicapped दिव्यांग व्यक्तियों को कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए कार्य करती है।
कृष्णा गुरुजी ने संस्था में चल रही विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया।
उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और कार्य का अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों की प्रशंसा की।
उनका मानना है कि समाज में वास्तविक समावेशन तभी संभव है, जब दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मान के साथ अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले।
सुरेश अय्यर और विजय सामरा सहित टीम रही साथ
इस अवसर पर सुरेश अय्यर जी, विजय सामरा जी तथा संस्था की टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
संस्था की टीम ने कृष्णा गुरुजी को विभिन्न विभागों में चल रहे कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे हैंडलूम, प्रिंटिंग और अन्य कार्यों को भी दिखाया।
कृष्णा गुरुजी ने पूरी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कौशल के माध्यम से किसी
व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाना मानव सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप है।
Amar Ujala में प्रकाशित हुई Divyang Yoga Session की खबर
कृष्णा गुरुजी के मुंबई में आयोजित इस विशेष Divyang Yoga Session को
राष्ट्रीय समाचार माध्यम Amar Ujala ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया।
खबर में कृष्णा गुरुजी के Disability को Ability में बदलने के संदेश का उल्लेख किया गया।
साथ ही पंचतत्व, प्राणायाम और पर्यावरण से योग को जोड़ने की उनकी सोच को भी स्थान मिला।
📰 Amar Ujala में प्रकाशित पूरी खबर पढ़ें
Divyang Yoga Session की News Coverage देखें
इस कार्यक्रम से संबंधित News Coverage नीचे दिए गए वीडियो में देखी जा सकती है।
▶ YouTube पर News Coverage देखें
दिव्यांग योग का उद्देश्य क्या है?
Divyang Yoga का उद्देश्य केवल योगासन करवाना नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य व्यक्ति को उसकी उपलब्ध क्षमताओं के प्रति जागरूक करना भी है।
योग के माध्यम से श्वास पर ध्यान दिया जा सकता है। प्राणायाम के माध्यम से मन को एकाग्र करने का अभ्यास किया जा सकता है।
वहीं सकारात्मक सोच के माध्यम से आत्मविश्वास को मजबूत किया जा सकता है।
कृष्णा गुरुजी का संदेश है कि योग को व्यक्ति की परिस्थिति और क्षमता के अनुसार अपनाया जाना चाहिए।
योग का मार्ग हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। लेकिन उसका उद्देश्य स्वयं को बेहतर तरीके से समझना और अपनी क्षमता को विकसित करना है।
योग को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का प्रयास
कृष्णा गुरुजी योग को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे हैं।
उनका मानना है कि योग केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ लोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए। बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों
और समाज के अन्य वर्गों को भी उनकी क्षमता के अनुसार योग से जोड़ा जा सकता है।
कृष्णा गुरुजी के योग, आध्यात्मिकता और सामाजिक कार्यों से संबंधित अन्य लेख पढ़ने के लिए KrishnaGuruji.com देखें।
Disability से Ability की ओर
मुंबई में आयोजित यह Divyang Yoga Session योग, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर आया।
शरीर की कोई एक सीमा किसी व्यक्ति की संपूर्ण पहचान नहीं हो सकती। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर कोई न कोई विशेष क्षमता होती है।
जरूरत उस क्षमता को पहचानने की है। फिर उसे शिक्षा, कौशल और अभ्यास से विकसित करने की आवश्यकता है।
कृष्णा गुरुजी का संदेश यही रहा कि दिव्यांगता को केवल कमी की दृष्टि से न देखें। उसके पीछे छिपी क्षमता को पहचानें।
“कमी पर नहीं, अपनी क्षमता पर ध्यान दीजिए। Disability के भीतर छिपी Ability को पहचानिए।” — Krishna Guruji
एक सकारात्मक और समावेशी समाज की ओर
दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति महत्वपूर्ण है। लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है उन्हें सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता का मंच देना।
कौशल प्रशिक्षण, योग, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कृष्णा गुरुजी ने विद्यार्थियों के कार्यों को देखकर उनकी प्रशंसा की। उन्होंने संस्था की टीम को भी इस सेवा के लिए शुभकामनाएँ दीं।
मुंबई का यह कार्यक्रम एक संदेश छोड़ गया—शरीर की सीमा से आगे भी जीवन की अनेक संभावनाएँ हैं।
Krishna Kant Mishra ‘Krishna Guruji’
International Spiritual Thinker, Healer & Yoga Mentor
Official Website:
KrishnaGuruji.com
External Reference:
Fellowship of the Physically Handicapped, Mumbai
Media Coverage:
Amar Ujala – Krishna Guruji Divyang Yoga Session Mumbai

