Mahabharata’s 9 Timeless Lessons for Life in Kaliyug: A Kaliyug Puran Perspective

**Blog Excerpt:**
Discover nine timeless lessons from the Mahabharata through Krishna Guruji’s Kaliyug Puran perspective. Learn what Karna, Arjuna, Duryodhana, Bhishma and other characters teach us about duty, wisdom, power and modern life.
शिव के त्रिशूल का कलियुग पुराण संदेश | रुद्र ज्ञान | Krishna Guruji

भगवान शिव के हाथ में त्रिशूल क्यों है? कृष्णा गुरुजी कलियुग पुराण की दृष्टि से त्रिशूल, वात-पित्त-कफ, मानसिक संतुलन और आंतरिक शिवतत्त्व का संदेश समझा रहे हैं।
The Three Factories of Life: Lord Shiva’s Message for Every Human

Krishna Guruji explains Shiva’s Three Factories of Life: fire in the heart to serve, sweetness in speech and coolness in the mind—Lord Shiva’s practical message for every human.
शिवजी के सिर पर चंद्रमा और हाथ में डमरू क्यों है? तीन फैक्ट्रियों का रहस्य

शिवजी के मस्तक पर चंद्रमा और हाथ में डमरू क्यों है? कृष्णा गुरुजी से जानिए इनके आध्यात्मिक अर्थ तथा हृदय में Fire, वाणी में Sugar और मस्तिष्क में Ice—जीवन की तीन फैक्ट्रियों का रहस्य।
महाकाल की भस्मारती का रहस्य: शिव और भस्म का क्या संबंध है?

कृष्णा गुरुजी (कृष्णा कांत मिश्रा) एक आध्यात्मिक चिंतक, योग साधक और ‘कलियुग पुराण’ के लेखक हैं। वे जटिल आध्यात्मिक विषयों को तर्कपूर्ण, सरल और समकालीन भाषा में समझाने के लिए जाने जाते हैं। योग, ध्यान, मानवता, उत्सव रूपांतरण, दिव्य एस्ट्रो हीलिंग तथा सर्वधर्म प्रार्थना के माध्यम से वे लोगों को अपने भीतर के दिव्य तत्व को पहचानने के लिए प्रेरित करते हैं। इस लेख में प्रस्तुत विचार ‘कलियुग पुराण’ की आध्यात्मिक दृष्टि पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य परंपराओं के पीछे छिपे संकेतों को आधुनिक संदर्भ में समझाना है।
Why Does Monday Follow Sunday? The Astronomy Behind the Seven-Day Week

Why does Monday follow Sunday? Discover the fascinating astronomy, mathematics, and ancient wisdom behind the seven-day week. Learn how the seven visible celestial bodies, the ancient hora system, and symbolic planetary qualities shaped our calendar. An insightful perspective by Krishna Guruji from Kaliyug Puran.
कांवड़ यात्रा कलियुग में कितनी प्रासंगिक? | कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी का संदेश

श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक साधना, अनुशासन और आत्मशुद्धि का महापर्व है। कलियुग पुराण की दृष्टि से कृष्णा गुरुजी बताते हैं कि वास्तविक जलाभिषेक तब है, जब व्यक्ति अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और स्वार्थ का त्याग कर शिव भाव को अपनाता है। खुलासा फर्स्ट और इंदौर समाचार में प्रकाशित यह संदेश आज के समाज में कांवड़ यात्रा की प्रासंगिकता पर एक सकारात्मक और चिंतनशील दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
What is Rudrabhishek? The Real Meaning of Shravan Month and Om Namah Shivaya

Discover the true meaning of Rudrabhishek, the spiritual significance of Shravan Month, and the deeper wisdom of Om Namah Shivaya. Learn how this sacred ritual symbolizes gratitude, inner purification, and self-transformation through the teachings of Krishna Guruji.
गुरु पूर्णिमा: गुरु कौन है? | कलियुग पुराण के अनुसार गुरु का वास्तविक अर्थ

गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि कृतज्ञता का उत्सव है। कृष्णा गुरुजी कलियुग पुराण के अनुसार बताते हैं कि गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि ज्ञान, वाणी और चेतना है। माता-पिता, शिक्षक, मेंटर और जीवन में सही मार्गदर्शन देने वाला प्रत्येक व्यक्ति गुरु है। सच्ची गुरु पूर्णिमा सभी गुरुओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त करने और उनके ज्ञान को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प है।
मुण्डक उपनिषद: क्या पूजा-पाठ से मोक्ष संभव है? | Krishna Guruji

मुण्डक उपनिषद के अनुसार क्या केवल पूजा-पाठ से मोक्ष संभव है? परा विद्या, अपरा विद्या और आत्मज्ञान के माध्यम से सच्ची पूजा का रहस्य जानिए।