श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी बदल सकते हैं किसी का जीवन

कृष्णा गुरुजी ने घर की पुताई का कार्य पूरा करने वाले श्रमिक अनिल जी और दिलीप जी का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया। यह चित्र श्रम के सम्मान, कृतज्ञता और मानवता का संदेश देता है।

श्रम का सम्मान: केवल मेहनताना नहीं, सम्मान के दो शब्द भी दें श्रम का सम्मान केवल सामाजिक व्यवहार नहीं है। यह मानवता, कृतज्ञता और संस्कार का प्रतीक है। हम अपने घर, कार्यालय या संस्थान में अनेक लोगों से काम करवाते हैं। कोई पेंटर होता है, कोई मिस्त्री, कोई प्लंबर, कोई इलेक्ट्रीशियन, कोई सफाईकर्मी या माली। […]

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